Monday, 06 July 2026
Breaking News
श्री गुरु रविदास सभा राम दरबार, फेज-1 की कमेटी भंग वुमेन एंड चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी के इंटर्न विद्यार्थियों ने एक माह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक किया पूरा पासपोर्ट-बहस के बीच क्या देशव्यापी NRC की तैयारी संभव!  टिहरी गढ़वाल विकास परिषद की नव-निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न सीए देश की आर्थिक मजबूती के प्रमुख स्तंभ, विकसित भारत के निर्माण में निभाएंगे अहम भूमिका: मुख्यमंत्री श्री अमरनाथ यात्रा पर गए एक यात्री की रहस्यमयी मौत मनोरंजन जगत के दिग्गज सितारों से सजा आइकॉनिक गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड्स 2026 स्वर्गीय ओम प्रकाश गोयल मेमोरियल सीनियर महिला डे/नाइट ट्वेंटी-20 कैश प्राइज़ क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला संस्करण अब 8 जुलाई से वीर सैनिकों को समर्पित एक ही दिन में बने 21 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हिमाचल प्रदेश के आठ पारंपरिक उत्पादों को मिला जीआई टैग
पंजाब Trending

भ्रष्टाचार के आरोप में सिविल अस्पताल बठिंडा का कर्मचारी गिरफ्तार

Read in:Hindi

बठिंडा, फेस2न्यूज:
विजीलैंस ब्यूरो को प्राप्त शिकायतों के आधार पर ब्यूरो ने सिविल अस्पताल बठिंडा में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वरिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर कई लोगों ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करके पैसे ऐंठने के आरोप लगाये थे।
यह जानकारी देते हुए पंजाब विजीलैंस ब्यूरो प्रवक्ता ने बताया कि जिला बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडियां निवासी निर्गुण सरगुन ग्याता सिंह ने इस हेल्पलाइन पर आरोपी वरिंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। विजिलेंस ने गहन जांच के बाद मामला दर्ज कर आरोपी वरिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी वीरिंदर सिंह ने शिकायतकर्ता निर्गुण सरगुन ग्याता सिंह से दो किश्तों में डेढ़ लाख रुपये (कुल 3 लाख रुपये) लिये थे। इसके अलावा गुरमेल सिंह पुत्र मिठू सिंह, मेहरजीत सिंह पुत्र अवतार सिंह, मनप्रीत सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, तारा सिंह पुत्र बलवीर सिंह, जगदीप सिंह पुत्र बाबू सिंह आदि से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गई और प्रत्येक व्यक्ति से 2.5 लाख रुपये बहादुरगढ़ जंडियां निवासी गुरलाल सिंह पुत्र तारा सिंह द्वारा रुपये प्राप्त किये।
उन्होंने बताया कि पुलिस थाना विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा रेंज बठिंडा में मामला क्रमांक 3 दिनांक 11-07-2022 तहत आईपीसी की धारा 420 एवं भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।