Saturday, 06 June 2026
Breaking News
किसी को मुझे आज़माना नहीं है प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और हरित भविष्य की नींव है : कमांडेंट कमल सिसोदिया 5 सिग्नल बटालियन, केरिपुबल, हैल्लोमाज़रा में किया गया वृक्षारोपण डेराबस्सी ओवरब्रिज के नीचे 'अवैध बस्ती', बाथरूम तक बने, प्रशासन ने मूंदी आंखें ओआरसी सैनिक अकादमी के दो छात्रों का राष्ट्रीय सैनिक विद्यालयों में चयन "पेड़-पौधों में भी प्राण हैं,धरती की शान हैं...इनको बचाओ, हरा-भरा बनाओ और स्वस्थ जीवन पाओ" पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों ने सेवा केंद्र में लगाईं मीठे पानी की छबील पत्रकार नव ठाकुरीया को देवर्षि नारद जयंती सम्मान मुर्दा बोले कफ़न फाड़े अहिंसा शिक्षा रत्न अवॉर्ड 2026 में ट्राइसिटी के लगभग 130 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
पंजाब Trending

समझौते की कापी देने के बदले रिश्वत लेते ए.एस.आई. के खिलाफ केस दर्ज

Read in:Hindi

बरनाला/चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के दौरान आज थाना तपा ज़िला बरनाला में तैनात सहायक सब इंस्पेक्टर (ए.एस.आई.) किरनजीत सिंह (499/बरनाला) को 5000 रुपए की रिश्वत लेने और अन्य 5000 रुपए की माँग करने के आरोप अधीन रिश्वतखोरी का केस दर्ज किया गया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये विजीलैंस ब्यूरो प्रवक्ता ने बताया कि उपरोक्त पुलिस मुलाज़िम के खि़लाफ़ प्रवीन कुमार निवासी भदौड़, बरनाला की शिकायत पर रिश्वत लेने के दोष अधीन मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने इस सम्बन्धी मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाईन पर शिकायत दर्ज करवाई थी।
विवरण देते हुये उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके खि़लाफ़ थाना सदर तपा में दर्ज एक मुकदमे में हुए समझौते की कॉपी देने के बदले उक्त पुलिस मुलाज़िम ने उससे 10,000 रुपए रिश्वत की माँग की थी और मौके पर ही रिश्वत के तौर पर 5000 रुपए ले लिए। उन्होंने आगे दोष लगाया कि दोषी ए. एस. आई. रिश्वत के बकाया 5000 रुपए की माँग कर रहा है और उसने सारी बातचीत को सबूत के तौर पर रिकार्ड कर लिया।
प्रवक्ता ने बताया कि विजीलैंस ब्यूरो ने आनलाइन शिकायत में लगाए गए दोषों की जांच की और दोषी पुलिस मुलाज़िम को शिकायतकर्ता से 5000 रुपए की रिश्वत लेने और अन्य 5000 रुपए मांगने के दोष अधीन दोषी पाये जाने के उपरांत विजीलैंस ब्यूरो के थाना पटियाला में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया और इस मामले की आगे जांच जारी है।