Thursday, 02 July 2026
Breaking News
स्वर्गीय ओम प्रकाश गोयल मेमोरियल सीनियर महिला डे/नाइट ट्वेंटी-20 कैश प्राइज़ क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला संस्करण अब 8 जुलाई से वीर सैनिकों को समर्पित एक ही दिन में बने 21 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हिमाचल प्रदेश के आठ पारंपरिक उत्पादों को मिला जीआई टैग भाभी व उसके मायके परिवार के जुल्मों से तंग आकर देवर ने किया सुसाइड  दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति के प्रांतीय वर्ग में 2 सौ से ज्यादा युवतियों ने लिया शौर्य प्रशिक्षण  गांधी स्मारक भवन प्रबंधन पर कोर्स पूरा होने से पहले 10 हजार अतिरिक्त फीस मांगने का आरोप धर्म में भाव और विवेक सर्वोपरि - क्षुल्लक प्रज्ञांश सागर  करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी, हरियाणा और इंडस वैली क्रिकेट अकादमी, डेराबस्सी की टीमें फाइनल में डिफरेंटली डिफरेंट–पंचम : द लीजेंड में पंचम दा को संगीतमय श्रद्धांजलि श्री अमरनाथ धाम यात्राः शिव सेवा संघ द्वारा लंगर प्रबंधन के लिए राशन से भरे ट्रक रवाना
जीवन शैली Trending

सूंदर मुंदरिये तेरा कौन बेचारा- दुल्ला भठी वाला गाकर मनाई लोहड़ी

Read in:Hindi

ओंकार चैरिटेबल ने गरीब परिवारों की बेटियों संग मनाई लोहड़ी

(MOREPIC1)(MOREPIC3)(MOREPIC4)चंडीगढ़ (आर.के.शर्मा)

समाजसेवी संस्था ओंकार चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा आज लोहड़ी उत्सव/ बेटी उत्सव बड़े हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। लोहड़ी सेलिब्रेशन के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के साथ लोहड़ी मनाई गई तथा समारोह में भाग लेने वाली सभी बेटियों को मूंगफली, पॉपकॉर्न, तिल, रेवड़ी और गज्जक आदि वितरित किए गए।

इस दौरान बेटियां भी लोहड़ी के गीतों पर खूब झूमीं।सभी के चेहरों पर त्योहार की खुशी देखते ही बनती थी। पंजाबी बोलियों पर भी रंग बिरंगे कपड़े पहनी लड़कियों ने खूब गिद्धा पाया।

संस्था के प्रेजिडेंट रविन्द्र सिंह बिल्ला ने अपनी संस्था के सदस्यों सहित लोहड़ी की पूजा अर्चना कर लोहड़ी पर्व की सभी को बधाई दी और कार्यक्रम का शुभारंभ किया।(SUBHEAD)

इस अवसर पर लोहड़ी पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोहड़ी के गीत, भंगड़ा, छल्ला आदि प्रस्तुत कर कार्यक्रम को हर्षाेल्लास से मनाया गया।

रविन्द्र सिंह बिल्ला ने कहा कि यह पर्व जीवन में उल्लास बिखेरने वाला पर्व है। लोहड़ी खुशहाली, आपसी सौहार्द और खुशियों का संदेश लेकर आती है, नए साल का यह पहला त्यौहार लोगों के दिलों में खुशियां भर देता है।

रविंदर सिंह बिल्ला ने कहा कि बदलते वक्त के साथ लोगों की सोच में भी बदलाव आया है।

पहले लोग यहाँ बेटा होने पर खुशियां मनाते थे, वहीं अब बेटियों के पैदा होने पर भी उसी खुशी के साथ बेटी का घर आगमन होता है। लोहड़ी पर्व भी अब बेटियों को समर्पित कर दिया गया है।