Wednesday, 30 September 2026
Breaking News
धर्म बहादुर जैन बने जेआईटीओ चंडीगढ़ चैप्टर के नए चेयरमैन यू.टी. क्रिकेट एसोसिएशन और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन सीनियर्स ने अपने मैच जीते पटियाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 2 सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, 7 पिस्तौल और 23 जिंदा कारतूस बरामद आसफवाला के शहीदों का इतिहास स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हो : राष्ट्रपति मुर्मू परिहास, उपहास और संवाद कबड्डी के मैच की ऑफिशिएटिंग में सुधार की ज़रूरत राजस्थान परिवार ट्राइसिटी की ‘चाय पर चर्चा’ में समाज की समस्याओं और भागीदारी पर मंथन 20वें एशियाई खेलों कें पदक विजेताओं को दी जाएगी 5.33 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशिः मुख्यमंत्री गोल्ड मेडल विजेता सुरुचि को मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने फ़ोन पर दी बधाई, -डीसी वर्षा खांगवाल ने किया सम्मानित ढकोली में ओआरसी सैनिक अकादमी ने चलाया पौधारोपण अभियान
हिमाचल Trending

प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजे हेतु केन्द्र ने किया केन्द्रीय दल गठित

Read in:Hindi

शिमला, फेस2न्यूज:
राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्र सरकार ने प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय भारत सरकार, सुनील कुमार बर्नवाल की अध्यक्षता में केन्द्रीय दल का गठन किया है। प्रदेश सरकार ने 23 अगस्त, 2022 को केन्द्र सरकार से अन्तर मंत्रालय केन्द्रीय दल भेजने का आग्रह किया था।
केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में मानसून के दौरान ही केन्द्रीय दल के भेजने बारे निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का आकलन समय पर होने के साथ ही प्रदेश को केन्द्रीय आपदा मोचन निधि की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता प्राप्त होगी जिससे प्रदेश में मानसून प्रभावित लोगों को समुचित राहत सहायता राशि उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान मानसून में भारी वर्षा, भूस्खलन और बादल फटने की अनेक घटनाएं हुई है, जिसमें 258 लोगों की अमूल्य जानें चली गई और 10 लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा के कारण 270 मवेशी मारे गए तथा 1658 रिहायशी मकान, दुकानों , गौशालाएं व घराट इत्यादि क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस दौरान प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों, पेयजल योजनाओं व विद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है। इस मानसून के दौरान प्रदेश में अब तक 1367.33 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया जा चुका है और यह प्रक्रिया आकलन निरन्तर जारी है।