Tuesday, 12 May 2026
Breaking News
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा श्री विष्णु अवतार बाबा रामदेव मंदिर में की गई भगवान श्री द्वारकाधीश मूर्ति स्थापना असम से बंगाल तक गहराया भगवा प्रभाव, पूर्वी भारत में बदले राजनीतिक समीकरण सारे रिश्ते बदल भी जाएं, पर जीवन भर एक जैसी रहती है मां... चण्डीगढ़-कोटद्वार बस सेवा फिर शुरू, उत्तराखण्डवासियों में खुशी की लहर श्री प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर 23-डी में वार्षिक मूर्ति स्थापना महोत्सव 9 से : 14 मई से होगा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च ने मनाया 21वां वार्षिक समारोह केपीएल लेजेंड्स सीजन-2: किन्नौर वॉरियर्स के डा. प्रेम ने की सुपर स्ट्राइकर्स की सर्जरी चंडीगढ़ के राम दरबार में भारी बारिश में निकाली कलश यात्रा पंजाब का ओबीसी समाज एकजुट हो जाओ, अगली बार सरकार भाजपा की होगी : नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़ Trending

शिव प्रसाद मौर्य के खिलाए फूल पिछले एक दशक से पुष्पावलियों में जीत चुके हैं सौ से ज्यादा इनाम

Read in:Hindi

(MOREPIC1) फेस2न्यूज/चण्डीगढ़ 

दुनिया भर में अपनी खूबसूरती और मोहक विन्यास के लिये मशहूर चंडीगढ़ के सुंदर कंगूरे तो सब देखते हैं, लेकिन इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाने वाले सैकड़ों पुष्पाकरों को कोई नहीं जानता, जो अपने खून-पसीने से इसके फूलों और पौधों को सींचते हैं। चारों तरफ सुंदर पौधे और मोहक फूल इन्हीं मालियों की देने हैं। इन्हीं में एक हैं शिव प्रसाद मौर्य जिनके खिलाए फूल पिछले एक दशक से पुष्पावलियों में सौ से ज्यादा इनाम जीत चुके हैं।

पिछले दिनों सेक्टर 33 में संपन्न व नगर निगम द्वारा आयोजित गुलदाउदी महोत्सव में शिवप्रसाद मौर्य के तैयार फूलों की धूम रही। विभिन्न श्रेणियों में चार प्रथम पुरस्कार समेत नौ पुरस्कार शिवप्रसाद द्वारा तैयार फूलों को मिले।

गुलदाउदी शो के रिजल्ट में शिवकुमार को रिफ्लेक्सड गुलदाउदी में प्रथम, पॉम पॉम गुलदाउदी में प्रथम, बटन गुलदाउदी में प्रथम, स्पून गुलदाउदी में प्रथम तथा अन्य श्रेणी एनीमोन आदि में कुल मिलाकर नौ पुरस्कार नगर के मेयर ने प्रदान किये।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से बेहतर भविष्य की तलाश में वर्ष 1989 में चंडीगढ़ आए शिवप्रसाद फिर चंडीगढ़ के ही होकर रह गए।

(SUBHEAD)वे लगातार इस शहर को खूबसूरत बनाने के प्रयास में लगे रहे। शुरू में हाउसिंग बोर्ड में काम करने वाले रामावतार मौर्य ने उन्हें संबल, सहयोग व मार्गदर्शन दिया। फिर 2013 से वे लगातार सेक्टर 33 के गुलदाउदी शो व फरवरी में सेक्टर 16 के रोड गार्डन की प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे हैं। उ

न्हें मिले पुरस्कारों की गिनती तो याद नहीं, लेकिन उनकी संख्या सौ से अधिक है। वे मई से इन पौधों को तैयार करते हैं और जुलाई से गुलदाउदी की पौध तैयार करते हैं। वे कहते हैं हम फूल के पौधों को बच्चों की तरह पालते हैं।