Thursday, 16 April 2026
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वृद्धावस्था में मुल्तान सिंह ने किया किफायती ‘इनटेलिजेंस क्लोरिनेटर’ का आविष्कार

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सटीक मात्रा में क्लोरीन के उपयोग से उपलब्ध करवायेगा जन जन को स्वच्छ जल

आर के शर्मा/चंडीगढ़

देश में जहां एक ओर स्वच्छ जल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के लिये सरकार पुरजोर बल दे रही है वहीं दूसरी और एकल तौर पर भी देश के विकास और समाज के उत्थान में लोग अपने बल पर भी प्रयासरत हैं। ऐसी ही एक उदाहरण पेश किया है पंजाब जल सप्लाई और स्वच्छता विभाग से रिटायर्ड हुये पंप आपरेटर मुल्तान सिंह का जिन्होंनें अपनी निवेश की सारी पूंजी एक आविष्कारिक खोज के लिये लगा दी है।

64 वर्षीय मुल्तान सिंह ने अपने तजुर्बे के चलते ‘इनटेलीजेंट क्लोरोनेटर’ की मशीन तैयार की है जो कि आम जन को डिस्ईनफैक्टिड जल उपलब्ध करवायेगा। इस मशीन के नतीजे बहुत सार्थक सिद्ध हुये हैं जिसके चलते पंजाब सरकार ने इसे अपनी कई साईटों पर अपनाया है।(SUBHEAD)

बनूड़ के रहने वाले मुल्तान सिंह एक अत्यंत किफायती आटोमेटिक क्लोरिन सप्लाई रेगूलेटर की नई तकनीक ईजाद कर इसे विश्व स्तर पर पैटेंट भी करवा लिया है। मुल्तान सिंह ने बताया कि जल सप्लाई विभाग द्वारा पानी को पीने योग्य बनाने के लिये और कीटाणु मुक्त करने की दिशा में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंडों के अनुरुप जल में क्लोरीन की मात्रा अनिवार्य है। सरकार के वॉटर वर्कस में विभिन्न कंपनियों द्वारा स्थापित किये गये ऐसे उपकरणों की कीमत लाखों में है जबकि उनमें उचित मात्रा में क्लोरीन का प्रयोग नहीं हो पाता है।

उन्होंनें बताया कि ऐसे बिजली चलित रेगूलेटरो को चलाने के लिये एक आपरेटर की आवश्यकता होती है। साथ ही इन रेगूलेटरों के फिल्टरों में शौरे के साथ कुछ समय में मुश्किले आने के साथ बंद हो जाते हैं। वहीं दूसरी ओर श्रीजी इंटरप्राईजिस द्वारा मार्केट में उपलब्ध इनटेलिजेंट क्लोरिनेटर इस दिशा में काफी प्रभावी सिद्ध हुआ है। बिना बिजली और आपरेटर के चलने वाली यह मशीन की कीमत लगभग पचास हजार रुपये है। आटोमेटिक मशीन से शौरे के समय बिल्कुल नहीं होती है। उन्होंनें बताया कि यह उपकरण घरों से लेकर कमर्शियल और बहुमंजिल सरकारी भवनों तक के सार्थक है।

क्लोरोनेटिड जल के विषय में ओर विवरण देते हुये मुल्तान सिंह ने बताया कि क्लोरिन की अत्यधिक मात्रा भी सेहत के लिये हानिकारक है। उनकी मशीन के द्वारा सटीक मात्रा में क्लोरिन का प्रसार होता है जिससे की पानी पीने योग्य बन जाता है। टियूबवैल से निकलने वाला अंडरवाटर सिंचाई के लिये तो उपयोग में लाया जा सकता है परन्तु क्लोरिनेटिड जल ही पीने योग्य है कि पानी में प्राकृतिक रुप से मिले अनावश्यक मिश्रित धातुओं और कीटाणुओं से निजाद प्रदान करता है।

मुल्तान सिंह ने आस जगाई की उनका यह आविष्कारी उपकरण देश के स्वच्छ जल मिशन को ओर अधिक सफल बनाने में मददगार साबित होगा तथा सरकारें उनके इस उपकरण को अपनी परियोजनाओं का हिस्सा बनायेगीं।