Thursday, 15 October 2026
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किसी नेता की इंतज़ार में कल्पा का ‘सुसाइड प्वाइंट’

मनमोहन सिंह ‘दानिश’

नाम है ‘सुसाइड प्वाइंट’ पर किसी ने वहां जान दी हो इसका कोई इतिहास कम से कम मुझे तो नहीं मिला। वैसे किन्नौर के इस खूबसूरत स्थल कल्पा में आने वाले सभी पर्यटक किन्नर कैलाश के दर्शन करने के बाद सीधे इसी ‘सुसाइड प्वाइंट’ पर जाते हैं। जिस तरह से कहा जाता है, “बड़े लोगों की बड़ी बातें ” उसी तरह से कह सकते हैं “खूबसूरत स्थलों की खूबसूरत यादें”। कल्पा का यह ‘सुसाइड प्वाइंट’ इतना सुंदर है कि आदमी शौकिया ही जान दे दे। गहरी घाटी में स्थित यह स्थान आदमी को अपनी ओर खींचता है। लोग आते हैं, उसे देखते हैं वहां चट्टानों पर अपने नाम लिखते हैं। शायद इसलिए ताकि आने वाली पीढ़ियां जान सकें कि कौन कौन लोग यहां आए और ज़िंदा लौट गए।

यहां अभी तक किसी के नाम का कोई पत्थर नहीं लगा है। मतलब यह कि अभी इसका उद्घघाटन नहीं हुआ है। पहले कोई बड़ा नेता यहां सुसाइड करेगा तभी इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा। फिर वहां लिखा होगा, ” यहां देश के फलां नेता ने फलां तारीख को अपनी जान दे कर इसका उद्घघाटन किया “। जाहिर है फिर जो चाहे वहां सुसाइड कर सकेगा। अभी तो मोक्ष का यह दरवाज़ा लोगों के लिए बंद है। हो सकता है फिर सुसाइड करने के लिए वहां अति वशिष्ठ व्यक्तियों के लिए कोई स्थान आरक्षित कर दिया जाए और जहां पर आम आदमी का सुसाइड करना वर्जित हो और नियम को तोड़ने वाले के खिलाफ जेल, या जुर्माने का, या फिर दोनों का प्रावधान हो जाए। इस वजह से आम आदमी को थोड़ा आगे पीछे जा कर जान देनी पड़ सकती है।

लेकिन अभी तो यह स्थल आम लोगों के आकर्षण का केंद्र बिंदु है। सभी वहां आकर आनंदित होते हैं, फोटोग्राफी करते हैं, गाने वाने गाते हैं और फिर लौट जाते हैं।
लेकिन अभी भी किसी बड़े नेता की बाट जोह रहा है कल्पा का सुसाइड प्वाइंट।

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