Thursday, 25 June 2026
Breaking News
स्वर्गीय ओम प्रकाश गोयल मेमोरियल सीनियर महिला डे नाइट ट्वेंटी-20 कैश प्राइज़ क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला संस्करण 3 जुलाई से लोकतंत्र भारत की आत्मा और पहचान : घनश्याम दास अरोड़ा नेक्टर केमिकल फैक्ट्री की भूमिगत पाइपलाइन टूटी, लापरवाही आई सामने, नगरपरिषद के पास रिकॉर्ड तक नहीं रामायण कुशवाहा प्रदेश महासचिव ने रमेश कुमार राजभर को शहीद उधम सिंह जिला का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया विश्व संगीत दिवस पर सजा सुरों का उत्सव, कलाकारों ने बिखेरा संगीत का जादू कमांडेंट कमल सिसोदिया ने अधिकारियों एवं जवानों को योगासन, प्राणायाम तथा माइंड योग का अभ्यास कराया राहुल देव बरमन को समर्पित संगीतमयी शाम 28 जून को गवर्नमेंट कॉलेज ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह के साथ मनाया हरियाणा लोक भवन में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस योगमय वातावरण से सराबोर हुआ सेक्टर-17, गूंजे स्वास्थ्य और साधना के मंत्र
हिमाचल Trending

प्रत्येक विकास खंड में की जाएगी औषधीय पौधों की नर्सरी विकसित: डाॅ. जिंदल

Read in:Hindi

ज्वालामुखी, (विजयेन्दर शर्मा)

आयुर्वेद तथा पारंपरिक उपचार पद्धति को बढ़ावा देने के साथ साथ लोगों को आय के साधन उपलब्ध करवाने हेतु जिला कांगड़ा के प्रत्येक विकास खंड में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। ज्वालामुखी स्थित एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र में औषधीय पौधे को रोपित कर हर्बल विक्रय केंद्र का शुभारंभ करते हुए उपायुक्त कांगड़ा डाॅ. निपुण जिंदल ने यह शब्द कहे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एसएसबी केंद्र सपड़ीे में आयुष विभाग के औषधीय पौधों के विशेषज्ञों के सहयोग से हर्बल नर्सरी को भी स्थापित किया जाएगा। उपायुक्त कांगड़ा डाॅ निपुण जिंदल ने इस अवसर पर एसएसबी केंद्र सपड़ी में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए औषधीय पौधों के उत्पादों के विक्रय केंद्र का शुभारंभ किया। उपायुक्त ने कहा कि मिशन धनवंतरी के तहत जिले कांगड़ा के 16 विकास खंडों में हर्बल नर्सरी की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग द्वारा एक विकास खंड से शुरु की गई इस पहल को अब जिला प्रशासन द्वारा मिशन धनवंतरी के तहत पूरे जिला में फैलाया जा रहा है। इससे प्रत्येक विकास खंड में औषधीय पौधों की नर्सरी को विकसित कर औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि कोरोना के संकट काल में सबने यह अनुभव किया कि आधुनिक के साथ-साथ हमारी पारंपरिक उपचार पद्धति भी स्वस्थ जीवन के लिए कितनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदली हुई जीवनशैली के कारण आज असंख्य रोग हर मानव शरीर को घेर रहे हैं। इस हेतु आषौधीय पौधों और चिकित्सक के परामर्श अनुसार उनके सही सेवन से हम अपने शरीर को स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों का हमारी उपचार पद्धति में बहुत अधिक महत्व है और इसके सेवन से कईं असाध्य रोगों से लड़ने की शक्ति भी मिलती है। उपायुक्त ने कहा कि इसके महत्व को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मिशन धनवंतरी की शुरुआत करते हुए पूरे जिले में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
उपायुक्त ने बताया कि मनरेगा के अन्तगर्त कंवर्जेंस माॅडल के तहत भी प्रशासन द्वारा औषधीय पौधों की नर्सरी को स्थापित करते हुए इनकी खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके संचालन हेतु मुख्यमंत्री एक बीघा योजना, पंचायतों में उपलब्ध सरकारी जमीन और किसानों को निजी भूमि में भी इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि औषधीय पौधों की सफल खेती के साथ पंचायतों में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के निर्माण को भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से औषधीय पौधों से विभिन्न उत्पाद तैयार कर उन्हें बाजार में विक्रय किया जाएगा। जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ साथ घरद्वार पर ही महिलाओं को आय और रोजगार के अच्छे साधन उपलब्ध होंगे।