Tuesday, 03 November 2026
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रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य अंसल गोल्फ लिंक्स के अड़ियल रवैये के खिलाफ 28 जुलाई को करेंगे चक्का जाम

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सेक्टर-114, मोहाली में समस्याओं की भरमार, एडीसी व एसएसपी से मिलकर आरडब्ल्यूएस ने डेवलपर व मेंटेनेंस कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की

पिंकी सैनी/डेराबस्सी/ मोहाली

खरड़-लांडरां-बनूड़ रोड पर स्थित अंसल गोल्फ लिंक्स-1, सेक्टर-114, मोहाली की रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी (आरडब्ल्यूएस) के पदाधिकारियों ने डेवलपर कंपनी अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लि. और मेंटेनेंस कंपनी स्टार फैसिलिटीज़ मैनेजमेंट लि. के मालिकों और अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए एडीसी व एसएसपी को शिकायत की है।

साथ ही डेवेलपर के अड़ियल रवैये के खिलाफ 28 जुलाई को सुबह दस बजे खरड़-लांडरां-बनूड़. दिल्ली राष्ट्रीय राज मार्ग पर चक्का जाम करने की घोषणा की है।
आरडब्ल्यूएस के उपाध्यक्ष पाल सिंह रत्तू ने बताया कि आरडब्ल्यूएस के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह सैनी की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीसी व एसएसपी से अनुरोध किया है कि अंसल गोल्फ लिंक्स-1 में डेवलपर कंपनी द्वारा किए गए वादे के अनुसार बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। बाकी कसर उसकी सहयोगी रखरखाव कंपनी ने निवासियों से प्राप्त हुई राशि खराब सुविधाओं के रखरखाव में खर्च करके निकाल दी है।
वर्तमान में सड़कें चलने लायक नहीं रह गई हैं और सड़कों पर काम हुए कई साल हो गए हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति आमतौर पर बाधित रहती है। बिजली लाइन को पाइप के जरिए भूमिगत करने के बजाय केबल को सीधे जमीन में गाड़ दिया जाता है जिससे बरसात के दौरान लाइन में फाल्ट होने से नागरिकों की जान-माल की क्षति होने का डर रहता है।

विद्युत व्यवस्था को चलाने के लिए 49 ट्रांसफार्मर लगाने की व्यवस्था रखी गई थी लेकिन यहां की बसावट 70 प्रतिशत आबादी तक पहुंचने के बाद भी मात्र 7 ट्रांसफार्मर ही लगाए गए हैं, जिससे बिजली का पूरा लोड नहीं मिलने की समस्या बनी रहती है। फॉल्ट लोकेटर कई वर्षों से खराब पड़ा है। इसके लिए 25 हजार रुपए के पार्ट्स की व्यवस्था करने के बजाय इतने ही रुपए की केबल का इंतजाम किया गया।(SUBHEAD)

इसी प्रकार जलापूर्ति के लिए बिछाया गया पाइप काफी मुलायम रबर का बना हुआ है जो अक्सर पानी के दबाव से फट जाता है और दो-दो दिनों तक जलापूर्ति भी बाधित रहती है। डेवलपर कंपनी अपने वादे के मुताबिक नागरिकों को कोई भी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में नाकाम रही है। कई आवास भी जर्जर हो गए हैं क्योंकि स्टार फैसिलिटीज मैनेजमेंट लिमिटेड ने उनका रखरखाव ठीक से नहीं किया।

फिलहाल उक्त दोनों कंपनियां कुछ भी नहीं बेच रही हैं। अब रखरखाव कंपनी ने पानी के रखरखाव शुल्क में 250 रुपये प्रति माह जोड़ दिए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों की परेशानी और बढ़ गई है। एडीसी व एसएसपी ने आरडब्ल्यूएस प्रतिनिधिमंडल की बात बहुत ध्यान से सुनी और मामले में हर संभव कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

भूपिंदर सिंह सैनी ने बताया कि इससे पहले आरडब्ल्यूएस ने निवासियों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान कराने के लिए दोनों कंपनियों के अधिकारियों से बार बार सम्पर्क किया परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। अब इस कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं है। प्रतिनिधिमंडल में आरडब्ल्यूएस के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह सैनी, उपाध्यक्ष पाल सिंह रत्तू, महासचिव अचिन गाबा, कोषाध्यक्ष निहाल सिंह, संयुक्त सचिव गुरमीत सिंह और संगठन सचिव हरदीप सिंह उपस्थित थे।

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