Saturday, 25 April 2026
Breaking News
डॉ. अजय सूरा हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त समाजसेविका उर्मिला मोंगा ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को भेंट किया अपना घर हैदराबाद, कोलकाता, पंजाब और हरियाणा की अंडर-16 क्रिकेट टीमें सेमीफाइनल में पहुँची 'भारत-विभाजन : एक हकीकत, एक अफसाना था, पुस्तक का विमोचन अक्षय तृतीया पर श्री राम वेद गुरुकुलम में शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर 27-बी में अक्षय तृतीया पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने का विरोध   वर्तमान में "अहिंसा परमो धर्म:" की भावना पहले से अधिक प्रासंगिक : श्री नायब सिंह सैनी गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन का 16वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न गुरप्रीत कौर बनीं वीजी मिसेज इंडिया ग्लोबल आइकन फिनेस्स-2026 की उपविजेता
चंडीगढ़ Trending

चण्डीगढ़ के सेक्टर 21 में विवादास्पद सम्पत्ति की खुली नीलामी होगी 11 सितम्बर को

Read in:Hindi

फेस2न्यूज/ चण्डीगढ़ :

सेक्टर 21 की विवादग्रस्त कोठी नंबर 137 की खुली नीलामी करके प्राप्त राशि को समान रूप से उसके हिस्सेदारों में बांट दिया जाएगा। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने विवाद का निपटारा करते हुए नीलामी करने के आदेश जारी किए जिसपर उक्त 13 मरले के इस तीन मंजिला मकान की खुली नीलामी 11 सितम्बर को निर्धारित की गई है। कोर्ट द्वारा यह नीलामी इस मकान के सामने ही रखी गई है। इस मकान में 4 हिस्सेदार हैं।

कोर्ट ने इस घर की नीलामी की जिम्मेदारी अधिवक्ता गगनदीप गोयल को दी है। इस सम्पदा के 50% के हिस्सेदार उमेश जैन ने बताया कि उन्होंने यहाँ कुछ हिस्सा वर्ष 2020 में बाकी हिस्सेदारों की सहमति से ख़रीदा था। उन्होंने बताया कि यहाँ 50% हिस्सा बड़े शौक से यह सोच कर ख़रीदा था के शहर के बीचो-बीच इस 13 मरला कार्नर के मकान में जीवन व्यापन करेंगे, लेकिन बाद में अन्य हिस्सेदारों के साथ कुछ आपसी विवादों के कारण एक ही घर में रहना संभव न हो सका, जिस कारण मामला कोर्ट में चला गया।

इस मामले की उमेश जैन की तरफ से पैरवी करने वाले अधिवक्ता ऋषभ बजाज ने बताया कि चंडीगढ़ में सेक्टर 1 से सेक्टर 30 तक का हैरिटेज दर्जा होने के कारण इन सेक्टर्स में आवासीय क्षेत्रों में फ्लोरवाईस हिस्से बेचने पर पाबंदी लगाई हुई है।

यह पाबंदी रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन बनाम यूटी चंडीगढ़ के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद लगाई गई थी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों में यह भी कहा गया है कि यदि इन सेक्टरों में हिस्सेदारों में अपने-अपने हिस्से को लेकर किसी भी प्रकार का कोई विवाद अथवा झगड़ा है तो उस संपत्ति को बेचकर उसे समान रूप से हिस्सेदारों में बांट दिया जाए।

उल्लेखनीय है कि कुछ अर्से से इन सेक्टरों में फलोरवाईस मकान बिकने शुरु हो गये थे। इसको लेकर कुछ लोगों ने रोष जताना शुरु किया था। इन लोगों की यह दलील थी कि ऐसा कर ये ये लोग ली-कार्बूजिए की विरासत से छेड़छाड़ कर रहे हैं। जिस पर उपरोक्त आदेश जारी किए गये थे।