Wednesday, 16 September 2026
Breaking News
मुहब्बत भी ज़रूरी है इबादत भी ज़रूरी है......... अल्पसंख्यक वर्ग को इंसाफ दिलाने केन्द्र सरकार पूरी तरह से प्रयासरतः चेयरमैन बाबा रामदेव महाराज के अवतरण भादवा दूज पर राम दरबार में निकली भव्य शोभायात्रा दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर-27 में सर्वसम्मति से धर्म बहादुर जैन दोबारा अध्यक्ष चुने गए देश के लिए सबसे खतरनाक हैं "दिमागी नक्सल" यानी सरकार से सवाल करने वाले मनीमाजरा सरकारी स्कूल में अशोक के पेड़ों की कटाई पर एनवायरनमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया ने मांगी जांच गलत जानकारी देने वाले दो तहसीलदार के खिलाफ राजस्थान के कोटपूतली जिले के प्रागपुरा थाने में एफ आई आर दर्ज वो कॉलेज के दिन वो गुज़रे ज़माने........ चंडीगढ़  ग्रेन मार्केट, सेक्टर-26 में पेड पार्किंग टेंडर को अंतिम रूप देने पर हाईकोर्ट की रोक जीसीसीबीए-50 में सार्वभौमिक मानवीय मूल्य: व्यावसायिक नैतिकता की ओर एक यात्रा" कार्यशाला का समापन सत्र आयोजित
चंडीगढ़ Trending

किडनी केयर सेंटर पंचकूला में अंगदान शिविर आयोजित

Read in:Hindi

किडनी केयर सेंटर पंचकूला ने अपने तीसरे स्थापना दिवस पर अंगदान शिविर लगाया

(MOREPIC1) आरके शर्मा /पंचकूला 

किडनी केयर सेंटर, सेक्टर 14, पंचकूला ने अपने तीसरे स्थापना दिवस पर, आज यहां एक अंगदान शिविर का आयोजन किया। समाज के लोगों को अंगदान के नेक काम हेतु जागरूक और प्रेरित करने के लिए रोट्टो, पीजीआई, चंडीगढ़ की एक टीम भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रही। कुल 122 लोगों ने कार्यक्रम में अपने अंग दान की शपथ ली।

डॉ. अजय गोयल के नेतृत्व में स्थापित हुआ किडनी केयर सेंटर अपनी तरह की पहली फैसिलिटी है जहां चिकित्सकों और पैरामेडिक स्टाफ की एक टीम द्वारा किडनी फेल होने, हेमोडायलिसिस और किडनी प्रत्यारोपण सहित किडनी की सभी प्रकार की परेशानियों का इलाज किया जाता है।

किडनी केयर सेंटर के संस्थापक व निदेशक, डॉ. अजय गोयल, डीएम (नेफ्रोलॉजी) ने कहा, “भारत में हर साल अंगों की अनुपलब्धता के कारण 5 लाख से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है। गुर्दा प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले 2 लाख लोगों में से केवल कुछ हजार मरीजों को ही प्रत्यारोपण की सुविधा मिल पाती है। बाकी मरीज या तो डायलिसिस पर रहते हैं या गुर्दे फेल होने के कारण अपनी जान गंवा देते हैं।

भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख लोग ब्रेन डेथ का शिकार होते हैं। ब्रेन डेथ के बाद एक व्यक्ति अंगों का दान कर 8 मरीजों की जान बचा सकता है। इसलिए स्वस्थ अंगों वाले मृतकों के शरीर से प्राप्त अंगों का प्रत्यारोपण करके अनेक जानें बचाई जा सकती हैं।”

शिविर में जिन लोगों ने अपने अंगों को दान करने की शपथ ली, उन्हें नोट्‌टो की टीम ने डोनर कार्ड जारी किए। नोट्‌टो एक सरकारी संगठन है जो भारत में अंगों की पुनर्प्राप्ति और आवंटन को नियंत्रित करता है।

डॉ. गोयल ने आगे कहा, “हमारे केंद्र के स्थापना दिवस के अवसर पर हमने एक सामाजिक भलाई के कार्य को आगे बढ़ाने और लोगों का जीवन बचाने के लिए अंगदान जागरूकता शिविर लगाने का निर्णय लिया।”