Friday, 07 August 2026
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ई-कोर्ट परियोजना से अधिक सुगम होगी न्याय व्यवस्था: राजस्व मंत्री

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शिमला, फेस2न्यूज:
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत सरकार के न्याय विभाग द्वारा ई-कोर्ट परियोजना चरण-3 पर राज्यों के कानून मंत्रियों के साथ आयोजित बैठक में भाग लिया। बैठक में विभिन्न राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में इस परियोजना का चार साल (2023 से आगे) तक का वित्तीय परिव्यय 7210 करोड़ रुपये है। चरण-3 में 24 घटक हैं, जिसका उद्देश्य सभी न्यायिक परिसरों में ई-सेवा केन्द्रों के माध्यम से विरासत रिकॉर्ड सहित संपूर्ण अदालती रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और ई-फाइलिंग व ई-पेमेंट का सार्वभौमिकरण कर डिजिटल, ऑनलाइन और पेपरलेस कर सुगम न्याय की व्यवस्था शुरू करना है।
जगत सिंह नेगी ने बताया कि चरण-3 का मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका के लिए एक एकीकृत प्रौद्योगिकी आधारित मंच उपलब्ध करवाना है जो अदालतों, वादियों और अन्य हितधारकों के बीच एक सहज और कागज रहित इंटरफेस प्रदान करेगा।
भारत सरकार के न्याय विभाग के सचिव एस.के.जी. रहाटे ने बैठक का संचालन किया एवं धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने राज्य में विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा का मामला उठाया। भारत सरकार के न्याय विभाग की ओर से अवगत करवाया गया कि परियोजना के इस चरण में इस समस्या का समाधान किया जाएगा।