Thursday, 14 May 2026
Breaking News
सीबीआई ने उत्तराखंड के एलयूसीसी चिट फंड घोटाले में सरगना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया हिमाचल के एंटी चिट्टा मॉडल से सीखेंगे बाकी राज्य स्टार ऑफ ट्राइसिटी ग्रुप ने मनाया नारी शक्ति का जश्न, प्रतिभा पंडित को सुपर मॉम खिताब से सम्मानित किया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा श्री विष्णु अवतार बाबा रामदेव मंदिर में की गई भगवान श्री द्वारकाधीश मूर्ति स्थापना असम से बंगाल तक गहराया भगवा प्रभाव, पूर्वी भारत में बदले राजनीतिक समीकरण सारे रिश्ते बदल भी जाएं, पर जीवन भर एक जैसी रहती है मां... चण्डीगढ़-कोटद्वार बस सेवा फिर शुरू, उत्तराखण्डवासियों में खुशी की लहर श्री प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर 23-डी में वार्षिक मूर्ति स्थापना महोत्सव 9 से : 14 मई से होगा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन
हिमाचल Trending

ई-कोर्ट परियोजना से अधिक सुगम होगी न्याय व्यवस्था: राजस्व मंत्री

Read in:Hindi

शिमला, फेस2न्यूज:
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत सरकार के न्याय विभाग द्वारा ई-कोर्ट परियोजना चरण-3 पर राज्यों के कानून मंत्रियों के साथ आयोजित बैठक में भाग लिया। बैठक में विभिन्न राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में इस परियोजना का चार साल (2023 से आगे) तक का वित्तीय परिव्यय 7210 करोड़ रुपये है। चरण-3 में 24 घटक हैं, जिसका उद्देश्य सभी न्यायिक परिसरों में ई-सेवा केन्द्रों के माध्यम से विरासत रिकॉर्ड सहित संपूर्ण अदालती रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और ई-फाइलिंग व ई-पेमेंट का सार्वभौमिकरण कर डिजिटल, ऑनलाइन और पेपरलेस कर सुगम न्याय की व्यवस्था शुरू करना है।
जगत सिंह नेगी ने बताया कि चरण-3 का मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका के लिए एक एकीकृत प्रौद्योगिकी आधारित मंच उपलब्ध करवाना है जो अदालतों, वादियों और अन्य हितधारकों के बीच एक सहज और कागज रहित इंटरफेस प्रदान करेगा।
भारत सरकार के न्याय विभाग के सचिव एस.के.जी. रहाटे ने बैठक का संचालन किया एवं धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने राज्य में विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा का मामला उठाया। भारत सरकार के न्याय विभाग की ओर से अवगत करवाया गया कि परियोजना के इस चरण में इस समस्या का समाधान किया जाएगा।