चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त न करने की रणनीति के अंतर्गत पंजाब सरकार ने अब तक 45 सरकारी अधिकारियों/ कर्मचारियों और अन्यों को घूसखोरी के दोष के तहत काबू किया है।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ शिकायतें दर्ज करवाने के लिए लोगों की सुविधा हेतु वटसऐप आधारित एक भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया था।
इस नंबर पर मिली प्रमाणिक शिकायतों के आधार पर पंजाब पुलिस ने भ्रष्ट अधिकारियों/ कर्मचारियों और अन्य दोषियों के खिलाफ 28 एफ.आई.आर. दर्ज़ की हैं। मुख्यमंत्री की हिदायतों पर विजीलैंस ने अब तक पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर, आठ सहायक सब-इंस्पेक्टरों, तीन हवलदारों, एक सिपाही, होमगार्ड के एक जवान, दो पटवारियों, एक क्लर्क, एक नंबरदार, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के एक डाटा एंट्री ऑपरेटर, सरकारी आई. टी. आई. एस.ए.एस. नगर के एक प्रिंसिपल, एक मेडिकल अफसर, एक डिवीजनल वन अफसर और जुडिशियल विभाग के सम्मन भेजने वाले स्टाफ के एक मेंबर को गिरफ्तार किया है। इसी तरह माइनिंग केस में 17 व्यक्ति, पटवारियों के चार सहायकों और एक वन ठेकेदार को भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने के दोष के तहत पकड़ा गया है। पुलिस ने 21 जून, 2022 तक भ्रष्टाचार के दोषों के तहत कुल 45 व्यक्तियों को काबू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा कर समूची व्यवस्था को साफ किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यवाही यह दर्शाती है कि राज्य सरकार लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा की भ्रष्टाचार विरोधी जंग उसी समय खत्म होगी, जब राज्य में से इसका मुकम्मल तौर पर सफाया हो जायेगा परन्तु इसके लिए लोगों का सक्रिय सहयोग बहुत जरूरी है। इस नेक कार्य के लिए लोगों के सहयोग की मांग करते हुये मान ने लोगों को पंजाब को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने के लिए बढ़-चढ़ कर राज्य सरकार का सहयोग करने का न्यौता दिया।
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