Saturday, 06 June 2026
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कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करने को मजबूर सवारियां

Photo by: Pankaj
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जीरकपुर, कृत्रिका:
कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे बचने के लिए कोई आग का सहारा ले रहा है और कोई मोटे कपड़े व किसी छत का सहारा लिया जा रहा है। इस समय कड़ाके की ठंड में सिंघपुरा चौक पर बने बस स्टैंड पर कोई भी बस क्यू शेल्टर नही है। लोग परेशान हो रहे हैं। इन दिनों में ठंड बहुत ज्यादा बढ़ गई है और लोगों के खड़े होने के लिए कोई जगह नहीं है। बजुर्गो व बच्चों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हालंकि शहर में कालका लाइट प्वाइंट के नजदीक बिग बजार के सामने करोड़ों की लागत से बस स्टैंड बना हुआ है लेकिन वह पैसा बर्बाद हो रहा है। क्योंकि इस बस स्टैंड में न तो कोई बस आती है और न ही कोई सवारी यहां आती।
यह बस स्टैंड केवल टैक्सी स्टैंड बना हुआ है। कुछ समय पहले हाईकोर्ट के आदेशों पर हरेक बस को बस स्टैंड से होकर जाने के आदेश दिए गए थे। लेकिन शहर में ट्रेफिक ज्यादा होने के कारण जाम बहुत ज्यादा हो जाता तो कुछ दिन बस स्टैंड में जाने के बाद हालात फिर से वही बन गए हैं। जिसके चलते प्रसाशन ने बस स्टैंड ही शहर से बाहर बना दिया था। लेकिन वहां कोई भी बस क्यू शैलटर न होने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं।
बस स्टैंड पर खड़ी सवारियों ने बताया कि समस्या तो बहुत बड़ी है, लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते इसके लिए लोकल लोगों और प्रसाशन को सोचना चाहिए। कुछ लोग जो रोजाना सफर करते हैं उनका कहना है कि बस क्यू शैल्टर होना बहुत जरुरी है। ठंड इतनी है कि गर्म कपड़ो के बावजूद हाड कंपाने वाला मौसम इस समय बना हुआ है, इसका कुछ तो इंतजाम होना चाहिए। इसके इलावा पटियाला चौक पर भी सवारियां ठंड में ही खड़ी होती हैं, वहां भी कोई बस क्यू शैल्टर नही है। भले ठंड का मौसम हो या गर्मी का लोगों को परेशानी झेलनी ही पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रसाशन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
बस क्यू शैल्टर बनाने कि जिम्मेवारी किसकी:
हाईकोर्ट ने 2013 में जीरकपुर में दो बस क्यू शैल्टर बनाने के आदेश दिए थे। एक बिग बजार और दूसरा सिंघपुरा चौक से पहले अलास्का होटल के पास बनाया जाना था। बिग बजार के सामने बस स्टैंड बनने के बाद क्यू शैल्टर बनाने के बारे में किसी ने सोचा तक नही। एनएचआईए के अधिकारियों का कहना है कि हमने नगर काऊंसिल को जगह देने के लिए कहा था। लेकिन अब तक हमें जगह नहीं दी गई। लोगों की यह समस्या काफी लंबे समय से चली आ रही है। पहले अकालीदल की सरकार थी फिर कांग्रेस की सरकार आई और अब आम आदमी पार्टी की सरकार है, लेकिन लोगों की समस्या की तरफ कोई ध्यान नही दे रहा है।
2013 में हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि दो बस क्यू शैल्टर बनाए जाएं, जिसके लिए नगर काऊंसिल को जगह देने के लिए कहा था। लेकिन नगर काऊंसिल ने अभी तक कोई जगह उन्हें नहीं दी है। बाकी मैं इस बारे ज्यादा कुछ नही बोल सकता क्योंकि नया मामला चैक करना पड़ेगा।
— इकबाल सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर जीएमआर