Friday, 17 July 2026
Breaking News
चंडीगढ़ में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा,  रथ यात्रा पर निकले भगवान जगन्नाथ, उमड़ा जनसैलाब कुमारहट्टी का दुःखद हादसा और अवारा पशु एथनॉल मिश्रित ईंधन से कार हुई खराब, मारुति सुजुकी देगी नया कार: उपभोक्ता आयोग आकाशवाणी कार्यालय परिसर में पपीता, संतरा, मोरिंगा, आम, कपूर, बांस, जामुन का किया पौधारोपण 'संयुक्त पौधारोपण अभियान' का सफल आयोजन "हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है" ओआरसी सैनिक एकेडमी में नए शैक्षणिक सत्र का भव्य आगाज, गर्मजोशी से हुआ छात्रों का स्वागत बरनाला जेल में "रेडियो स्टेशन उजाला" शुरू, रेडक्रॉस की पहल से कैदियों की मेंटल हेल्थ में "उजाला" आएगा: डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह 38 चिकित्सा अधिकारी प्रमोट होकर बने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी "बड़े बे आबरू हो कर तेरे कूचे से हम निकले"
हिमाचल Trending

गोबर खरीद योजना के तहत खण्ड स्तर पर स्थापित होंगे क्लस्टर: कृषि मंत्री

Read in:Hindi

शिमला, फेस2न्यूज:
कृषि मंत्री चन्द्र कुमार ने आज कृषि और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार द्वारा दूध खरीद मूल्य में 6 रुपये की वृद्धि सहित पशुपालकों व किसानों के हित में अनेक ठोस निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनवरी, 2024 से गोबर खरीद योजना शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में इस योजना को आरम्भ करने की घोषणा की है। कृषि एवं पशुपालन विभाग इसे धरातल पर उतारने के लिए सभी तैयारियां कर रहा है। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता के लिए पशुपालन और कृषि विभाग सामजस्य स्थापित कर, कार्य करना सुनिश्चित करें। योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पशुपालन विभाग और कृषि विभाग के दो नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। आरम्भिक चरण में योजना के अंतर्गत एक ब्लॉक में 250 किसानों को पंजीकृत किया जाएगा। छोटे, सीमांत और प्रगतिशील किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से उनके कलस्टर बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि क्लस्टर में सम्मिलत किसानों को कृषि के साथ-साथ मुर्गी पालन, मौन पालन जैसे संबद्ध क्षेत्रों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन किसानों को प्रदेश सरकार की अनुदान योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों से खरीदे गए गोबर का भण्डारण किया जाएगा और गोबर की आपूर्ति बागवानी, कृषि क्षेत्र और नर्सरी इत्यादि में सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों के विपणन के लिए बाजार उपलब्ध करवाया जाएगा और जैविक फसलों को आकर्षक दाम पर खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों से अवगत करवाने के लिए ई-पुस्तिका उपलब्ध करवाई जाएगी।