Monday, 08 June 2026
Breaking News
हिमाचल महासभा की कार्यकारिणी की बैठक में भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा की तय  एस्पायर संस्थान 15 ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को प्रदान करेगा निःशुल्क कोचिंग मुख्यमंत्री ने ‘एस्पायर टैलेंट हंट’ का पोस्टर जारी किया प्रथम स्वर्गीय चौधरी भजन लाल ट्रॉफी उत्तर क्षेत्र अंडर-14 संयुक्त लड़के एवं लड़कियों का क्रिकेट टूर्नामेंट 17 जून से पंचकूला में सजा श्री बालाजी महाराज का दिव्य दरबार, महंत दिनेश पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं की समस्याओं का किया समाधान किसी को मुझे आज़माना नहीं है प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और हरित भविष्य की नींव है : कमांडेंट कमल सिसोदिया 5 सिग्नल बटालियन, केरिपुबल, हैल्लोमाज़रा में किया गया वृक्षारोपण डेराबस्सी ओवरब्रिज के नीचे 'अवैध बस्ती', बाथरूम तक बने, प्रशासन ने मूंदी आंखें ओआरसी सैनिक अकादमी के दो छात्रों का राष्ट्रीय सैनिक विद्यालयों में चयन "पेड़-पौधों में भी प्राण हैं,धरती की शान हैं...इनको बचाओ, हरा-भरा बनाओ और स्वस्थ जीवन पाओ"
हरियाणा Trending

निकाय चुनावों से भाग रही सरकार: सैलजा

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार जनता के बीच अपना भरोसा खो चुकी है, इसलिए शहरी निकाय संस्थाओं के चुनाव करवाने से भाग रही है। प्रदेश में 2 नगर निगमों, 10 नगर परिषद व पालिका का कार्यकाल खत्म हुए 3 महीने से ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए हैं। समय पर चुनाव ने होने से इन इलाकों के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।  (SUBHEAD)
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि गठबंधन सरकार जनप्रतिधियों की बजाए अफसरों के मार्फत ही शहरों व गांवों की छोटी सरकार चलाने का कुचक्र चलाए हुए है। इससे पहले पंचायतों के चुनाव 21 माह की देरी से कराए गए। अब चुनाव के बाद भी ई-टेंडरिंग के बहाने ग्राम पंचायतों के अधिकार छीनने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नगर निगम फरीदाबाद व गुड़गांव, नगर परिषद अंबाला, थानेसर, सिरसा, नगर पालिका कालांवाली, सिवान, आदमपुर, बराड़ा, रादौर के चुनाव पेंडिंग पड़े हुए हैं, जबकि नवगठित मानेसर नगर निगम के पहली बार के ही चुनाव अभी तक नहीं कराए गए हैं। फरीदाबाद, गुड़गांव व मानेसर नगर निगम और अंबाला कैंट नगर परिषद की वार्डबंदी का काम अधूरा पड़ा हुआ है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि जनता के चुने हुए नुमाइंदों का हाउस न होने की वजह से इनमें विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। निकायों का बजट तक तैनात नहीं हो पाता। अधिकारी अपने हिसाब से शहर में काम कराते हैं, जबकि पार्षद व्यक्तिगत दिलचस्पी लेकर अपने-अपने इलाके की जरूरत के मुताबिक कार्य करवाते हैं। सही मायनों में पार्षदों के बिना किसी भी शहर के विकास का सही खाका खींचा ही नहीं जा सकता। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाउस होने पर बाकायदा बजट व अन्य सामान्य बैठकें होती हैं। पार्षदों तक आम लोगों की पहुंच भी आसान होती है, इसलिए वे इनकी डिमांड भी इन बैठक में बखूबी रखते हैं। हास न होने पर अधिकारियों के हाथ में पावर होती है और वे बिना किसी जनभागीदारी के कार्य करते हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में खुलासा हो चुका है कि जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से वंचित प्रदेश के शहरी निकायों में कई तरह की दिक्कत खड़ी होती रही हैं। यह रिपोर्ट भाजपा शासन के साल 2015-16 से 2019-20 तक की थी। इस दौरान कई शहरों में शहरी निकाय संस्थाओं के चुनाव नहीं करवाए गए थे, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ा। क्योंकि, ये निकाय न तो विकास कार्य ही करवा पाए थे और न ही अलॉट की गई राशि को पूरी तरह से खर्च कर पाए थे। इसलिए लंबित पड़े शहरी निकायों के चुनाव तुरंत कराए जाने चाहिएं।