Tuesday, 22 September 2026
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पंजाब के 12,000 स्कूलों में लगाए गए फलदार पौधे

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एस.ए.एस. नगर, फेस2न्यूज:
पंजाब में हर एक बच्चे तक फल पहुँचाने और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए पंजाब में फलदार पौधे लगाने की मुहिम की शुरुआत बाग़बानी मंत्री फौजा सिंह सरारी की ओर से आज बाग़बानी विभाग, पंजाब कृषि भवन, एस.ए.एस. नगर में आम का पौधा लगाकर की गई।
इस मुहिम के अंतर्गत समूचे पंजाब में अलग-अलग स्थानों स्कूलों, कॉलेजों, गाँवों और शहरें में 1.25 लाख फलदार पौधे लगाए गए।
जानकारी देते हुए बाग़बानी मंत्री सरारी ने बताया कि पंजाब सरकार की यह मंशा है कि पंजाब का हर बच्चा और हर वर्ग का मनुष्य फल आसानी से खा सके, इस उद्देश्य के अंतर्गत ही इस मुहिम की शुरुआत की गई है। इस मुहिम के अंतर्गत पंजाब के लगभग 12,000 स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर आम, जामुन, चेरी, आँवला, अमरूद, पपीता, बेल आदि के पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह से एक दिन में 1.25 लाख फलदार पौधे लगाकर लगभग 1000 एकड़ में प्लांटेशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के उज्जवल भविष्य के लिए फलदार पौधे लगाने अति ज़रूरी हैं, क्योंकि पंजाब में ज़्यादातर इलाकों में पानी का स्तर बहुत नीचे जा चुका है। फ़सलीय विभिन्नता के लिए सबसे बढिय़ा विकल्प फलदार पौधे लगाना है, जिससे ना केवल पानी की बचत होगी, बल्कि धरती की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ती है। इससे किसानों की आमदन में वृद्धि होने के साथ-साथ प्रदूषण भी कम होता है।
बाग़बानी विभाग सम्बन्धी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस समय में पंजाब में लगभग 10 लाख एकड़ क्षेत्रफल में फलों, सब्जियों और फूलों आदि की कृषि की जाती है। यह वर्णनयोग्य है कि पंजाब में 2.31 लाख एकड़ क्षेत्रफल में किन्नू, लीची, नाशपाती, अमरूद, जामुन, बेल आदि फलों के बाग़ लगे हुए हैं, जिनसे 202.71 लाख क्विंटल फलों की पैदावार होती है। इसके अलावा 7.54 लाख एकड़ क्षेत्रफल में आलू, फूलगोभी, गाजर, मटर, घीया, टमाटर, कददू, करेले, बैंगन आदि सब्जियों की कृषि होती है, जिससे 610.95 लाख क्विंटल की पैदावार होती है। पंजाब में 126.76 हज़ार क्विंटल खुंबों की पैदावार भी होती है। पंजाब में भारत का 13.7 प्रतिशत शहद पैदा होता है। इस साल बाग़बानी विभाग द्वारा 4.50 लाख फलदार पौधे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है और यह पौधे पंजाब फ्रूट नरसरी एक्ट के अंतर्गत ट्रेसेएबल और सर्टिफाइड होंगे। पंजाब भारत का पहला राज्य है जिसने पौधों की सर्टीफिकेशन और ट्रेसेबिलटी लागू करने के लिए कानून बनाया है, जोकि सभी राज्यों के लिए मार्गदर्शन होगी। इस साल 12,500 एकड़ क्षेत्रफल फ़सलीय विभिन्नता के अधीन लाया जाएगा। स्कूलों में फलदार पौधे लगाने से बच्चों को ना केवल संतुलित ख़ुराक मिलेगी, बल्कि इन पौधों को देख-रेख करने की शिक्षा भी मिलेगी। स. सरारी द्वारा बैठक में उपस्थित हुए सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को भी अपील की कि वह भी इस मुहिम में अपना योगदान डालते हुए अपने घरों की नज़दीकी जगह में फलदार पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें।