Thursday, 27 August 2026
Breaking News
अगर महाभारत को सिर्फ पढ़ना नहीं, अनुभव करना चाहते हैं तो ज्योतिसर का महाभारत अनुभव केंद्र जरूर देखें पंजाब मंडी बोर्ड के प्रांगण में मनाया तीज का त्योहार तुलेसी डॉक्टर: एक महान ग्रामीण चिकित्सक की यादें राखी – एक वोटर कार्यकर्ता के नाम  भारत-पाक विभाजन में शहीद हुए परिवारों को श्रद्धासुमन अर्पित किये काज़ीरंगा के इको-सेंसिटिव ज़ोन की सीमा घटाने के प्रस्ताव पर संरक्षण बनाम विकास की बहस  योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाएं, स्वस्थ जीवनशैली बनाएं : बाबूलाल जुनेजा  महाराष्ट्र की नेत्रहीनों ने, भारत-पाक सरहद पर किया रक्षा बंधन कार्यक्रम पंजाब यूनिवर्सिटी परीक्षा में चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो वायरल होने का मामला, देवेश मौदगिल ने राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग की रक्षाबंधन पर 32 फुट वीर हनुमान जी के लिए तैयार की जा रही है सवा 12 फीट से अधिक लंबी राखी
पंजाब Trending

पंजाब को एम.एस.पी. कमेटी में शामिल न किए जाने पर संधवां ने केंद्र से जताया ऐतराज़

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने केंद्र सरकार द्वारा रूस्क्क पर बनाई कमेटी में पंजाब को प्रतिनिधित्व न देने पर रोष प्रकट करते हुए केंद्र सरकार की सख़्त निंदा की है।
संधवां ने कहा कि पंजाब के बिना कृषि के किसी भी पहलू पर कभी भी चर्चा संभव ही नहीं है, पंजाब को मनमाने ढग़ से कमेटी से दूर रखना पंजाब के सब्र को परखने या भडक़ाने वाली राजनीति की एक और गलत चाल है, क्योंकि बहादुर पंजाबियों ने काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए दिल्ली की सरहदों पर दुनिया की सबसे लम्बी और शांतमयी मुहिम का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था।
विधानसभा स्पीकर ने सख़्त चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाबी भली-भांति जानते हैं, कि ज़ुल्म, गर्व और बेइन्साफ़ी का सामना कैसे करना है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा काले कानूनों को रद्द करने सम्बन्धी 19 नवंबर, 2021 को की गई घोषणा इसका ताज़ा एवं स्पष्ट उदाहरण है।
पंजाब के बिना किसी भी कमेटी द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य सम्बन्धी अपनाई गई सार्थकता पर सवाल उठाते हुए स्पीकर ने कहा कि इस ऐलान का उद्देश्य हमारे किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी अधिकार बनाना नहीं, बल्कि राजनीतिक दिखावा ही है। उन्होंने कहा कि कृषि सम्बन्धी विषय पर वह पंजाब के बिना किस तरह चर्चा करेंगे।
पिछले सप्ताह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने ‘‘ज़ीरो-बजट आधारित कृषि को प्रोत्साहित करने’’ और एम.एस.पी. को और प्रभावशाली और पारदर्शी बनाने के लिए 26 सदस्यीय कमेटी को नोटीफायी किया था।