Tuesday, 13 October 2026
Breaking News
युवाओं से भगवान श्री राम के आदर्शों को अपनाने का आह्वान खामोशी और मौन: अंतर्मन की दो अलग अवस्थाएं गुरु नानक गीता कैलाश मेमोरियल फाउंडेशन और रेड क्रॉस सोसाइटी ने लगाया मेडिकल कैंप: 300 से ज्यादा मरीजों की जांच, मुफ्त टेस्ट और दवाइयां भी मिलीं भारत के मीडिया जगत को चाहिए एक समावेशी और सशक्त प्रेस काउंसिल श्री दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र पाठ एवं भक्तामर दीपार्चना का आयोजन घरेलू दुकानों पर कार्रवाई के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करे चंडीगढ़ प्रशासन : कृष्ण लाल समाजवाद के अग्रदूत थे महाराजा अग्रसेन महाराज  भगवान वाल्मीकि रामतीर्थ, अमृतसर से चंडीगढ़ पहुंची प्रथम ज्योति, सेक्टर 49-A की रामलीला कमेटी ने किया स्वागत राज नागपाल एक बार फिर सर्वसम्मति से ऑल इंडिया राजीव मेमोरियल सोसाइटी के अध्यक्ष चुने गए महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल का राम दरबार में भव्य स्वागत
पंजाब Trending

पंजाब को एम.एस.पी. कमेटी में शामिल न किए जाने पर संधवां ने केंद्र से जताया ऐतराज़

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने केंद्र सरकार द्वारा रूस्क्क पर बनाई कमेटी में पंजाब को प्रतिनिधित्व न देने पर रोष प्रकट करते हुए केंद्र सरकार की सख़्त निंदा की है।
संधवां ने कहा कि पंजाब के बिना कृषि के किसी भी पहलू पर कभी भी चर्चा संभव ही नहीं है, पंजाब को मनमाने ढग़ से कमेटी से दूर रखना पंजाब के सब्र को परखने या भडक़ाने वाली राजनीति की एक और गलत चाल है, क्योंकि बहादुर पंजाबियों ने काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए दिल्ली की सरहदों पर दुनिया की सबसे लम्बी और शांतमयी मुहिम का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था।
विधानसभा स्पीकर ने सख़्त चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाबी भली-भांति जानते हैं, कि ज़ुल्म, गर्व और बेइन्साफ़ी का सामना कैसे करना है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा काले कानूनों को रद्द करने सम्बन्धी 19 नवंबर, 2021 को की गई घोषणा इसका ताज़ा एवं स्पष्ट उदाहरण है।
पंजाब के बिना किसी भी कमेटी द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य सम्बन्धी अपनाई गई सार्थकता पर सवाल उठाते हुए स्पीकर ने कहा कि इस ऐलान का उद्देश्य हमारे किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी अधिकार बनाना नहीं, बल्कि राजनीतिक दिखावा ही है। उन्होंने कहा कि कृषि सम्बन्धी विषय पर वह पंजाब के बिना किस तरह चर्चा करेंगे।
पिछले सप्ताह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने ‘‘ज़ीरो-बजट आधारित कृषि को प्रोत्साहित करने’’ और एम.एस.पी. को और प्रभावशाली और पारदर्शी बनाने के लिए 26 सदस्यीय कमेटी को नोटीफायी किया था।

0 Comments