Sunday, 19 April 2026
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पुस्तकें पढ़ने की आदत बनाएं विद्यार्थीः आर्लेकर

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मण्डी, फेस2न्यूज:
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे पाठ्य पुस्तकों के अतिरिक्त अच्छी पुस्तकें पढ़ने का संकल्प लें। उन्होंने विद्यार्थियों को, उन्हें पत्र लिखकर पुस्तक पढ़ने के अपने अनुभव साझा करने को भी कहा।
राज्यपाल मण्डी जिला के थुनाग उप-मण्डल के लम्बाथाच में राजकीय डिग्री कॉलेज सराज के 12वें वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा डॉ. साधना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। कॉलेज में हम विशिष्ट संस्कार और शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं। लेकिन, शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना ही नहीं बल्कि रोजगार प्रदाता के रूप में होना चाहिए। इस उद्देश्य से हमें शिक्षा प्राप्त करनी है और यही भविष्य की मांग है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दिशा में अनेक कार्यक्रम और स्टार्टअप आरम्भ किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का वार्षिक समारोह विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करता है। इसलिए इन्हें ‘स्नेह सम्मेलन’ भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय ने अपने अस्तित्व की अल्पावधि में व्यापक प्रगति की है, जिसके लिए प्रबंधन बधाई का पात्र है।
श्री आर्लेकर ने कहा कि महाविद्यालय संस्कृति का प्रतीक है। शिक्षा के माध्यम से हम क्या करना चाहते हैं और किस दिशा में आगे जाना चाहते हैें, यह महाविद्यालय हमसे तय करवाता है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक जीवन का यह पड़ाव व्यक्ति के जीवन में सबसे यादगार समय होता है, जो जीवनभर याद रहता है। उन्होंने इस अवसर पर अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए उस समय के अनुभव विद्यार्थियों के साथ सांझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता के योगदान को हमेशा स्मरण रखने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने कहा कि देश अपनी आजादी का 75वां साल मना रहा है। प्रधानमंत्री ने 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आह्वान किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वयं भी इस अभियान में शामिल हों और अन्यों को भी प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में युवा पीढ़ी आगे बढ़ेगी तो हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को देश व समाज के बारे में विचार करना चाहिए। यह हमारा कर्तव्य है, क्योंकि यही विचार देश का भविष्य तय करता है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर राष्ट्रहित में काम करने की जरूरत है। इसके लिए इतिहास को जानें और पुस्तकें पढें। उन्होंने कहा कि सुविधाएं आप के पास हैं उनका उपयोग करें।
राज्यपाल ने इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियों एवं शैक्षणिक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। वर्ष 2019-20 के लिए सराज गौरव का पुरस्कार दिव्या भारती तथा वर्ष 2020-21 के लिए कुशाल चंद को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।