जीरकपुर, कृत्रिका:
यूटी प्रसाशन द्वारा शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे से ही अवैध कब्जो को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी, जो शाम 4 बजे तक चलाई गई। इस दौरान एसडीएम ईस्ट व नगर निगम के कर्मचारी मौजूद थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। प्रसाशन द्वारा पीला पंजा चलाकर अवैध कब्जो पर कार्रवाई करते हुए, 9 स्ट्रेकचरों, 15 झुगियों और 6 से 7 सटरिंग वालों के खिलाफ मुहिम चली। जिसके लिए कई घंटे फाटक भी बंद रखा गया। जिसके चलते लोगों को चंडीगढ़ जाने के लिए पंचकुला से घूमकर आना पड़ा। शाम चार बजे तक लोग धीमी गति से चलते रहे और सुबह साढ़े 11 बजे तक हर मिलाप नगर रेलवे फाटक खुला था और लोगों आ जा रहे थे। जैसे ही साढ़े 11 बजे फाटक 2 बजे तक बंद रखा गया। फाटक के नजदीक भठ्ठे की जमीन पर बैठे प्रवासी मजदूरों की झुगियों को जबरन हटा दिया गया और संभलने तक का समय नही दिया गया। इस दौरान झुगी निवासी रत्न लाल, फिरदोषी, गीता, मिथुन ने बताया कि हमें संभलने का मौका भी नही दिया गया। न तो हमे सामान उठाने दिया और न ही हमें कोई जानकारी दी गई। हमारे पास ही में भेंसो का बाड़ा था उसे भी तोड़ दिया और उनका चारा, पानी का नल आदि भी तोड़ दिया गया। उन्होंने बताया की हमारी झूगियां तोड़ दी गई है, लेकिन पीछे जो शटरिंग वाले हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई है। उन्होंने कहा कि अब हमने खुले में रात बितानी पड़ेगी, सर्दी का मौसम है बच्चे भी है तो हमारे पास कोई इंतजाम भी नही है, अब हम क्या करेंगे।
अंडर पास बनाने की कार्रवाई की अफवाह के चलते लोगों में बना था डर का माहौल
यह कार्रवाई यूटी प्रसाशन द्वारा की गई थी जिसको लेकर यह अफवाह उड़ाई जा रही थी कि अंडर पास बनाने के लिए रास्ते में आने वाली सभी रूकावटे व अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। जिसके चलते फाटक के नजदीक मौजूद पंजाब के दुकानदारों ने कहा कि हमे तो बताया भी नहीं गया कि तोड़ फोड़ करने कि कार्रवाई की जा रही। वहीं चंडीगढ़ क्षेत्र में पड़ते भठ्ठे की जमीन पर मौजूद लोगों ने भी बताया कि उन्हें भी 2018 में नोटिस दिया गया था, उसके बाद हमे कोई नोटिस नही आया। यदि अंडर पास बनाना है तो हमारे जमीन एक्वायर करने के बाद ही हमारी जमीन पर कोई काम कर सकते हैं जबकि हमारे पास जमीन एक्वायर करने का कोई नोटिस नही है। जिसके बाद मौके पर पहुंचे यूटी प्रसाशन के एसडीएम प्रदूमन सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध कब्जो को लेकर की गई है और इस में रेलवे अंडर ब्रिज से जुडा कोई मामला नही है।
हमने चंडीगढ़ के पैराफेरी क्षेत्र में पूरा प्रोसीजर करते हुए 2019 में ऑर्डर पास हुआ था जिसके चलते हमने सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए अवैध कबजों को हटाने की कार्रवाई की गई है। पेरीफेरी एक्ट के तहत यह लैंड जिस काम के लिए थी उसे के लिए इस्तेमाल करनी चाहिए थी, यह सभी अवैध निर्माण थे जिन्हें तोड़ा गया है। अंडर ब्रिज की प्रक्रिया अलग है। हम तो पैराफेरी एक्ट के तहत अवैध निर्माण को तोड़ा है और चंडीगढ़ प्रसाशन हमेशा ही इसके खिलाफ रहा है। आगे भी ऐसी कार्रवाई होती रहेगी।
— प्रदूमन सिंह, एसडीएम चंडीगढ़ साऊथ