Wednesday, 13 May 2026
Breaking News
स्टार ऑफ ट्राइसिटी ग्रुप ने मनाया नारी शक्ति का जश्न, प्रतिभा पंडित को सुपर मॉम खिताब से सम्मानित किया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा श्री विष्णु अवतार बाबा रामदेव मंदिर में की गई भगवान श्री द्वारकाधीश मूर्ति स्थापना असम से बंगाल तक गहराया भगवा प्रभाव, पूर्वी भारत में बदले राजनीतिक समीकरण सारे रिश्ते बदल भी जाएं, पर जीवन भर एक जैसी रहती है मां... चण्डीगढ़-कोटद्वार बस सेवा फिर शुरू, उत्तराखण्डवासियों में खुशी की लहर श्री प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर 23-डी में वार्षिक मूर्ति स्थापना महोत्सव 9 से : 14 मई से होगा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च ने मनाया 21वां वार्षिक समारोह केपीएल लेजेंड्स सीजन-2: किन्नौर वॉरियर्स के डा. प्रेम ने की सुपर स्ट्राइकर्स की सर्जरी
पंजाब Trending

भ्रष्टाचार के आरोप में सिविल अस्पताल बठिंडा का कर्मचारी गिरफ्तार

Read in:Hindi

बठिंडा, फेस2न्यूज:
विजीलैंस ब्यूरो को प्राप्त शिकायतों के आधार पर ब्यूरो ने सिविल अस्पताल बठिंडा में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वरिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर कई लोगों ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करके पैसे ऐंठने के आरोप लगाये थे।
यह जानकारी देते हुए पंजाब विजीलैंस ब्यूरो प्रवक्ता ने बताया कि जिला बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडियां निवासी निर्गुण सरगुन ग्याता सिंह ने इस हेल्पलाइन पर आरोपी वरिंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। विजिलेंस ने गहन जांच के बाद मामला दर्ज कर आरोपी वरिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी वीरिंदर सिंह ने शिकायतकर्ता निर्गुण सरगुन ग्याता सिंह से दो किश्तों में डेढ़ लाख रुपये (कुल 3 लाख रुपये) लिये थे। इसके अलावा गुरमेल सिंह पुत्र मिठू सिंह, मेहरजीत सिंह पुत्र अवतार सिंह, मनप्रीत सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, तारा सिंह पुत्र बलवीर सिंह, जगदीप सिंह पुत्र बाबू सिंह आदि से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गई और प्रत्येक व्यक्ति से 2.5 लाख रुपये बहादुरगढ़ जंडियां निवासी गुरलाल सिंह पुत्र तारा सिंह द्वारा रुपये प्राप्त किये।
उन्होंने बताया कि पुलिस थाना विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा रेंज बठिंडा में मामला क्रमांक 3 दिनांक 11-07-2022 तहत आईपीसी की धारा 420 एवं भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।