Thursday, 24 September 2026
Breaking News
7वां रमा अत्रे विमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट 29 सितंबर से चंडीगढ़ में उत्तम तप लक्षण पर श्रद्धा और संयम की आराधना सुनहरे गीत-सुनहरी यादें’ से सजी संगीत की यादगार शाम एसुस ने भारत में अपना पहला पेगासस हाइब्रिड स्टोर लॉन्च करके चंडीगढ़ में अपनी रिटेल उपस्थिति को मज़बूत किया “501 गणेश बीड़ी” मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया पंजाबी गायक गुलाब सिंह सिद्धू के घर पर गोलीबारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ बांग्लादेश में 7 हसीना सहयोगियों को मौत की सज़ा, भारत में शरण पर अटकलें उत्तम संयम धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाई सुगंध दशमी संस्कृत भाषा में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त, विद्वान पंडित साधू राम शास्त्री की पुण्यतिथि पर बुजुर्ग शिष्यों ने अपने प्राचार्य को किया नमन अब 1.80 लाख आय वाले परिवारों को भी मिलेगा लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ: मुख्यमंत्री
पंजाब Trending

मोहाली जिले में हर माह होती हैं सड़क हादसों में 22 मौतें: अहलूवालिया

Photo by: Pankaj
Read in:Hindi

डेराबस्सी, कृत्रिका:
मोहाली जिले में हर महीने होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन बहुत जरूरी है। आंकड़ों अनुसार सड़क हादसों में हर महीने 22 मौतें होती हैं, जिन्हें यातायात नियमों का पालन कर टाला जा सकता है। उक्त विचार एएसपी ने व्यक्त किए। दर्पण अहलूवालिया ने डेराबस्सी में यातायात पुलिस शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सेमिनार दौरान लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट के चलने वाले दुपहिया वाहन चालक अपनी मौत को दावत दे रहे हैं। कुछ लोग चालान से बचने के लिए सस्ते हेलमेट का इस्तेमाल कर अपनी कीमती जान जोखिम में डाल देते हैं। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को बताया कि जिस तरह चंडीगढ़ में प्रवेश करने से पहले लोग यातायात नियमों का पालन करते हैं, उसी तरह डेराबस्सी में भी लोगों को यातायात नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने यातायात पुलिस को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। वहीं उन्होंने स्कूली बच्चों से कम उम्र में दुपहिया वाहन न चलाने की अपील की और उनके अभिभावकों से छोटे बच्चों को वाहन नहीं देने की अपील की। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा जागरूकता रैली भी निकाली गई।
उन्होंने कहा कि
सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करके कई बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं तेज रफ्तार, नशे में गाड़ी चलाने, दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट न पहनने और सीट बेल्ट न लगाने के कारण होती हैं। जिन्हें अपनी सावधानी से काफी हद तक रोका जा सकता है।