डेराबस्सी, कृतिका:
पंजाब में सत्ता परिवर्तन के बाद डेराबस्सी की राम तलाई एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है। राम तलाई के निर्माण में कथित तौर पर हुए घोटाले को लेकर शुरू से मुद्दा उठा रही जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन ने अब एसडीएम डेराबस्सी को एक शिकायत देकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। जैक ने इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी मुलाकात का समय मांग लिया है।
जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने बताया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह धर्म के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। जिसे अंजाम देने में कांग्रेस के हलका प्रभारी रहे दीपइंदर सिंह ढिल्लों तथा नगर परिषद प्रधान रणजीत सिंह रेड्डी की भूमिका अहम रही है।
राम तलाई के निर्माण से लेकर आजतक कई बार आमदन व खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक किए जाने की मांग कर चुके जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने बताया कि परिषद द्वारा इस निर्माण कार्य पर 94 लाख 92 हजार 628 रुपये खर्च होने का दावा किया गया है जबकि यह काम करीब 35 लाख रुपये में बड़ी आसानी से हो सकता है। इस राशि में वह पैसा शामिल नहीं है जिसे उदघाटन समारोह के आयोजन के नाम पर एकत्र किया गया है।
जैक प्रधान ने बताया कि यहां निर्माण कार्य के नाम पर लाखों रुपये का खर्च दिखाया गया है। शहर के लोगों ने मूर्ति खरीद, निर्माण के लिए योगदान दिया है। इसके अलावा उदघाटन समारोह में एक पंजाबी कलाकार को बुलाने तथा भंडारे आदि के आयोजन के नाम पर भी यहां के उद्योगों व अन्य संगठनों से पैसा एकत्र किया गया है।
चौधरी ने बताया कि निजी सर्वेयर कंपनी से सर्वे करवाकर वह पहले ही सारी जानकारी मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक कर चुके हैं। कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान इस घोटाले में कार्रवाई करने की बजाए इसे दबाया जाता रहा है। चौधरी तथा अन्य जैक पदाधिकारियों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में कार्रवाई की मांग करते हुए राम तलाई के निर्माण में हुए घोटाले को लेकर कई दस्तावेज सौंपे हैं। कहा कि एसडीएम द्वारा उन्हें इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
इस बारे में एस डी एम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नगर काउंसिल के ई ओ को मार्क कर दी गई है और रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। बाकी रिपोर्ट आने पर ही कार्रवाई होगी।