Tuesday, 18 August 2026
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शब्दों की भावना समझना भी महत्वपूर्ण: राज्यपाल

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शिमला, फेस2न्यूज:
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शिमला में जसवां-परागपुर विकास परिषद द्वारा आयोजित विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अक्षर के साथ शब्द की भावना को समझना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में पुस्तकों और पढ़ने के महत्व पर विशेष बल दिया।
राज्यपाल ने कहा कि वे मोबाइल फोन और टेलीविजन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किताबें पढ़ना भी बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अच्छी किताबों को पढ़ने पर विशेष महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने बच्चों को पुस्तकालय में अच्छी किताबें पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हमें किताब जैसा शिक्षक नहीं मिलेगा क्योंकि किताबें हमारी सच्ची मित्र, मार्गदर्शक और दार्शनिक हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कथनी और करनी में समानता होनी चाहिए तभी हमारा जीवन सार्थक होगा।
उन्होंने बच्चों के समक्ष अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें बच्चों का साथ पसंद है इसलिए वह इस तरह के कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने जसवां-परागपुर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दूसरों को भी इनसे प्रेरित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में कई तरह की समस्याएं हैं, परन्तु जो व्यक्ति समस्याओं को पहचान कर इनका समाधान निकाल कर आगे बढ़ता है वह सच्चे अर्थों में समाज सेवा करता है।
परिषद के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे हर पंचायत में एक पुस्तकालय शुरू करने के प्रयास करें ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को उनके घर-द्धार के समीप यह सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि एक आदर्श समाज स्थापित करने के लिए विभिन्न वर्गों में अच्छी किताबों के प्रति पठन-पाठन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बच्चों के साथ उनका संवाद जारी रहेगा।