फाजिल्का- फाजिल्का की भारत-पाक सीमा के अर्न्तराष्ट्रीय सादकी बार्डर पर महाराष्ट्र प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आई एक दर्जन नेत्रहीनों ने रक्षा बंधन कार्यक्रम पेश किया। जानकारी देते बार्डर एरिया विकास फ्रंट के प्रधान लीलाधर शर्मा ने बताया कि हजारों किलोमीटर सफर कर बार्डर पर पहुंची इन नेत्रहीन महिलाओं ने बी.एस.एफ. अधिकारियों व सीमा प्रहरियों के हाथो पर राखियां बांधी जो उन्होंने खुद तैयार की थी। उन्होनें जवानों के माथे पर तिलक लगा आरती उतार शुभकामनाएं अर्पित की।
मुम्बई से आई लता लैय्यर, (डिप्टी जनरल मैनेजर न्यू इंडिया इन्श्योरेंस मुम्बई) ने बताया कि प्रेरणा एसोसिएशन फार ब्लाइंड महाराष्ट्र द्वारा देश भक्ति का जज्बा दिखाते उनकी टीम लम्बी व कठिन यात्रा करके बार्डर पर आती है।
मधुकर सूर्यवंशी ने जवानों को संबोधित करते कहा कि वो सीमा पर देश की रक्षा करते हैं उन्हें बहनों से दूर रहने की कमी महसूस नहीं होने देंगें, नेत्रहीन भी आपकी बहनें ही हैं।
इस अवसर पर आरती लिन्जे रुकवाल व रविन्द्र सिंह रुकवाल (एक्स आई.सी. अधिकारी) दम्पति ने अपने हाथों से तैयार किये उपहार जवानों को भेंट कर शुभ कामनाएं दी। रिट्रीट सेरामनी देखने के उपरांत सभी नेत्रहीन बहनें व उनके साथ आए सहयोगियों ने ‘रक्षा बंधन’ के गीत गाए। कार्यक्रम के अंत में बॉर्डर पर उपस्थित समाज सेवक सुरिंदर मुल्डी और परमजीत कौर ने वहां पहुंची पूरी नेत्रहीन टीम का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
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महाराष्ट्र की नेत्रहीनों ने, भारत-पाक सरहद पर किया रक्षा बंधन कार्यक्रम