चण्डीगढ, फेस2न्यूज:
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि जहरीली शराब के सेवन से हुई लोगों की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक, यमुनानगर और अंबाला से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से 20 मौतें हुई हैं। इस संबंध में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं और इन दोनों जिलों में कुल 52 गिरफ्तारियां की गई जिनमें 36 आरोपी शामिल पाए गए हैं।
श्री विज आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र में लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक, यमुनानगर ने सूचित किया है कि पुलिस को सूचना मिली कि गांव मंडेवरी, यमुनानगर निवासी एक व्यक्ति को संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की जांच से पता चला कि नकली शराब उसी गांव मंडेबरी निवासी रॉकी नामक व्यक्ति द्वारा संचालित एक अवैध खुर्दा से बेची जा रही थी। जिस संबंध में पुलिस द्वारा एक आपराधिक अभियोग अंकित किया गया तथा गहनता से जांच की गई। जांच में अंबाला जिले के गांव धनौरा में अवैध रूप से चल रही एक फैक्ट्री का पता चला, जहां नकली शराब का निर्माण और वितरण किया जा रहा था। इस मामले में कुल मिलाकर 5 एफआईआर (एफआईआर संख्या 249 दिनांक 08.11.2023, एफआईआर संख्या 387 दिनांक 10.11.2023, एफआईआर संख्या 451 दिनांक 11.11.2023, एफआईआर संख्या 327 दिनांक 09.11.2023 तथा एफआईआर नं. 410 दिनांक 09.11.2023) दर्ज की गई।
श्री विज ने बताया कि यमुनानगर और अंबाला पुलिस द्वारा सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप ठेकेदारों सहित 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो दुकानों के मूल आवंटनकर्ता थे। जहरीली शराब के सेवन से कुल 20 मौतें (यमुनानगर में 18 और अंबाला में 2) हुई हैं, जिसमें गांव धनौरा, अंबाला में अवैध रूप से चल रही शराब फैक्ट्री में काम करने वाले दो श्रमिकों की मौत भी शामिल है, जिन्होंने संदिग्ध जहरीली शराब का सेवन किया था। इसके अलावा बीमार 5 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, केवल एक आरोपी को छोडकर जिसने जहरीली शराब पी थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
इसके अलावा, दयालु योजना के तहत अब तक 8 मृतकों के परिवारों/आश्रितों को 32 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है, जबकि अन्य विचाराधीन हैं। अब तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इन मामलों में निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है।
आबकारी एवं कराधान विभाग ने वर्ष 2023-24 के आबकारी नियमों के उल्लंघन मामले में मैसर्स महेंद्र सिंह, एल-13 लाइसेंसधारी, जिला यमुनानगर के विरुद्ध भी कार्यवाही शुरू की। कलेक्टर (आबकारी) द्वारा 20.11.2023, के तहत रुपये 2,51,00,000/- का जुर्माना लगाया गया और दिनांक 22.11.2023 के तहत एल-13 लाइसेंस रद्द कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिला यमुनानगर में मैसर्स महेंद्र सिंह के 11 जोन के एल-2/एल-14ए लाइसेंस, पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 की धारा 37 के प्रावधानों के अलावा कलेक्टर (आबकारी), हरियाणा के आदेश पर रद्द कर दिए गए। इन 11 जोन को विभाग द्वारा नीलामी में पुनः आवंटित किया गया।
उन्होंने बताया कि 07.11.2023 को जहरीली शराब की इस घटना से पहले राज्य भर में खुदरा दुकानों से 2193 नमूने लिए गए थे और 07.11.2023 के बाद अब तक कुल 2875 नमूने लिए गए हैं। आबकारी नीति 2023-24 के प्रारंभ (दिनांक 12.06.2023) होने से अब तक राज्य भर में कुल 5068 नमूने खुदरा शराब विक्रेताओं से लिए गए हैं। अवैध एवं नकली शराव के कारोवार को रोकने के लिए पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर सघन एवं तत्परता से की जाती रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से वर्ष 2023 तक 97895 अभियोग दर्ज करके 104843 व्यक्तियों को गिरफतार करके लाखों शराब की बोतलों को बरामद किया है।
उपरोक्त के अतिरिक्त, प्रदेश में दिनांक 11.11.2023 से 14.12.2023 तक अवैध खुर्दा के विरूद्ध एक विशेष अभियान चलाया गया जिसमें कुल पंजीकृत 1466 अभियोगों में 1463 गिरफ्तारियां की गईं, जिसमें देशी बोतलें-43008, अंग्रेजी बोतलें-25419, बीयर बोतलें – 2057, लाहन-7895 लीटर व कच्ची शराब-939 बरामद की गयी। उन्होंने बताया कि 12.12.2023 को अभियान के अन्तगर्त एफआईआर संख्या 407 दिनांक 12.12.2023 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी आईपीसी व 61 (1) (सी), 63ए, 72ए-4-20 एक्साइज एक्ट थाना धारूहेड़ा, रेवाडी दर्ज की गई। जिसमें ओल्ड मोंक बोतल-05, देशी शराब के पव्वे-13490, ओल्ड मोंक शराब बोतल कैपिंग मशीन, बोतल 500डीएस-08, कलर बोतल 12 लीटर, एक 65 लीटर ड्रम कास्टिक कारमेल स्प्रिंट घुलनशील जिसे मापने पर 10 लीटर पाया गया, केमिकल 10 लीटर, एक ड्रम में भरा हुआ आदि बरामद किया गया है और मामले की जांच के दौरान 13 ड्रम केमिकल, एक कैंटर, 306 पेटी शराब और 20000/- रूपये भी बरामद किये गये।
श्री विज ने बताया कि जहां तक विभिन्न जिलों में एल-1 एल-13 के गोदामो में कुल 75250 पेटियों की कमी का सवाल है, यहां यह उल्लेख किया जाता है कि विभाग की सामान्य प्रक्रिया के तहत दिनांक 07.11.2023 से लेकर अब तक एल-1 लाइसेंसधारियों के 18 उल्लंघन के मामले और एल-13 लाइसेंसधारियों के 17 आबकारी नियमों के उल्लंघन के मामलों का पता लगाया है, जिसमें क्रमानुसार 9,914 पेटियां और 59,435 पेटियां कम पाई गईं। ऐसे मामलों में, जहां एल-1 और एल-13 लाइसेंसधारी अतिरिक्त आबकारी शुल्क से बचने के लिए आबकारी नीति 2023-24 के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, विभाग द्वारा नियमित तौर पर आबकारी नीति के खंड 4.7 (जो एल-13 लाइसेंसधारियों से संबंधित है) व खंड 5.6 (जो एल-1 लाइसेंसधारियों से संबंधित है) के अनुसार सख्ती से जुर्माना लगाया जाता है।
गृह मंत्री ने बताया कि हरियाणा में नशे की ओवरडोज से मौत के मामले बहुत कम हैं। पिछले 5 वर्षों में यानि 2017- 2022 तक नशीली दवाओं के अधिक सेवन के कारण 34 मौतें हुई हैं। जहां तक कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान अनियमितताओं का सवाल है, राज्य सरकार ने इस संबंध में अनेक कदम उठाए हैं।
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