Friday, 28 August 2026
Breaking News
विश्व कप हॉकी: भारतीय महिलाओं ने रचा इतिहास विश्व शांति हेतु एक दिवसीय 11 कुंडीय महारूद्र यज्ञ किया  महाराष्ट्र की नेत्रहीन महिलाओं को सम्मानित कर विदा किया जीवन का आनंद दोस्तों के संग अगर महाभारत को सिर्फ पढ़ना नहीं, अनुभव करना चाहते हैं तो ज्योतिसर का महाभारत अनुभव केंद्र जरूर देखें पंजाब मंडी बोर्ड के प्रांगण में मनाया तीज का त्योहार तुलेसी डॉक्टर: एक महान ग्रामीण चिकित्सक की यादें राखी – एक वोटर कार्यकर्ता के नाम  भारत-पाक विभाजन में शहीद हुए परिवारों को श्रद्धासुमन अर्पित किये काज़ीरंगा के इको-सेंसिटिव ज़ोन की सीमा घटाने के प्रस्ताव पर संरक्षण बनाम विकास की बहस
हिमाचल Trending

बारिश से हुए नुकसान के दृष्टिगत हिमाचल ‘प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र’ घोषितः मुख्यमंत्री

Read in:Hindi

(MOREPIC1)फेस2न्यूज/शिमला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान के दृष्टिगत राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश को ‘प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र’ घोषित किया है। विगत दिनों से जारी भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से प्रदेश में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। राज्य में पेयजल, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था व सड़कों सहित अन्य संसाधनों को भी भारी क्षति पहुंची है।

अभी तक राज्य में 12 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 330 लोगों की बहुमूल्य जानें चली गई हैं। प्रदेश में अभी तक 10 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान आंका गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि और बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है।

राज्य में संचार व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। राज्य में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और व्यावसायिक गतिविधियां भी आपदा से अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। खतरे के दृष्टिगत बहुत से लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकालकर दूसरे स्थानों पर पहुंचाया गया है

(SUBHEAD)ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राहत, बचाव एवं पुनर्वास के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। आपदा प्रभावितों को हरसंभव मदद सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मौसम के अनुकूल होने पर सम्बन्धित जिलों और विभागों द्वारा सम्पत्ति, पशुधन, आधारभूत संरचना और अन्य नुकसान का आकलन कर पुनर्निर्माण और उपयुक्त कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से आपदा की इस घड़ी में प्रदेश को दिल खोलकर सहायता प्रदान करने का आग्रह किया ताकि प्रदेश में जन-जीवन को पटरी पर लाते हुए सामान्य व्यवस्था बनाने संबंधी गतिविधियों में और तेजी लाई जा सके।