Saturday, 25 July 2026
Breaking News
सफाई सेवकों पर हुए लाठीचार्ज से महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट वरिष्ठ नागरिक ने गमाडा के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अनियमितताओं पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की एनडीपीएस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से आरोपी को नियमित जमानत असम में भूमि आंदोलन पर कार्रवाई की गूंज दुनिया तक आगरा में गूंजेगा सामाजिक न्याय का स्वर, छत्रपति शाहूजी महाराज जयंती पर जुटेंगे देशभर के प्रबुद्धजन: राजबीर सिंह भारतीय 25 जुलाई को दिल्ली में शहीद ऊधम सिंह जी की आदमकद प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल होने की तैयारियां जोरों पर बरनाला के पास बदमाशों द्वारा फायरिंग, 2 शूटर काबू विश्व कराओके दिवस पर दिव्य कराओके सिंगिंग ग्रुप ने सजाई सुरों की महफ़िल हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने बढ़ाई राष्ट्रीय पुरस्कार की राशि, अब डेढ़ लाख​ मिलेंगे, नंबरदारों और आशा वर्कर्स का मानदेय भी बढ़ाया बरनाला में निकली भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा
कविताएँ Trending

……माँ बहुत झूठ बोलती है…………

Read in:Hindi

सुबह जल्दी जगाने, सात बजे को आठ कहती है।
नहा लो, नहा लो, के घर में नारे बुलंद करती है।
मेरी खराब तबियत का दोष बुरी नज़र पर मढ़ती है।
छोटी छोटी परेशानियों का बड़ा बवंडर करती है।
……….माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
थाल भर खिलाकर, तेरी भूख मर गयी कहती है।
जो मैं न रहूँ घर पे तो, मेरी पसंद की
कोई चीज़ रसोई में उससे नहीं पकती है।
मेरे मोटापे को भी, कमजोरी की सूज़न बोलती है।
………माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
दो ही रोटी रखी है रास्ते के लिए, बोल कर,
मेरे साथ दस लोगों का खाना रख देती है।
कुछ नहीं-कुछ नहीं बोल, नजर बचा बैग में,
छिपी शीशी अचार की बाद में निकलती है।
………माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
टोका टाकी से जो मैं झुँझला जाऊँ कभी तो,
समझदार हो, अब न कुछ बोलूँगी मैं,
ऐंसा अक्सर बोलकर वो रूठती है।
अगले ही पल फिर चिंता में हिदायती होती है।
………माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
तीन घंटे मैं थियटर में ना बैठ पाऊँगी,
सारी फ़िल्में तो टी वी पे आ जाती हैं,
बाहर का तेल मसाला तबियत खराब करता है,
बहानों से अपने पर होने वाले खर्च टालती है।
……….माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
मेरी उपलब्धियों को बढ़ा चढ़ा कर बताती है।
सारी खामियों को सब से छिपा लिया करती है।
उसके व्रत, नारियल, धागे, फेरे, सब मेरे नाम,
तारीफ़ ज़माने में कर बहुत शर्मिंदा करती है।
……….माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
भूल भी जाऊँ दुनिया भर के कामों में उलझ,
उसकी दुनिया में वो मुझे कब भूलती है।
मुझ सा सुंदर उसे दुनिया में ना कोई दिखे,
मेरी चिंता में अपने सुख भी किनारे कर देती है।
……….माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
मन सागर मेरा हो जाए खाली, ऐंसी वो गागर,
जब भी पूछो, अपनी तबियत हरी बोलती है।
उसके “जाये ” हैं, हम भी रग रग जानते हैं।
दुनियादारी में नासमझ, वो भला कहाँ समझती है।
……….माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
उसके फैलाए सामानों में से जो एक उठा लूँ
खुश होती जैसे, खुद पर उपकार समझती है।
मेरी छोटी सी नाकामयाबी पे उदास होकर,
सोच सोच अपनी तबियत खराब करती है।
……….माँ बहुत झूठ बोलती है।।
.
” हर माँ को समर्पित “

(वरिष्ठ पत्रकार श्री विजय जैन के सौजन्य से)