Thursday, 14 May 2026
Breaking News
सीबीआई ने उत्तराखंड के एलयूसीसी चिट फंड घोटाले में सरगना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया हिमाचल के एंटी चिट्टा मॉडल से सीखेंगे बाकी राज्य स्टार ऑफ ट्राइसिटी ग्रुप ने मनाया नारी शक्ति का जश्न, प्रतिभा पंडित को सुपर मॉम खिताब से सम्मानित किया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा श्री विष्णु अवतार बाबा रामदेव मंदिर में की गई भगवान श्री द्वारकाधीश मूर्ति स्थापना असम से बंगाल तक गहराया भगवा प्रभाव, पूर्वी भारत में बदले राजनीतिक समीकरण सारे रिश्ते बदल भी जाएं, पर जीवन भर एक जैसी रहती है मां... चण्डीगढ़-कोटद्वार बस सेवा फिर शुरू, उत्तराखण्डवासियों में खुशी की लहर श्री प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर 23-डी में वार्षिक मूर्ति स्थापना महोत्सव 9 से : 14 मई से होगा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन
हिमाचल Trending

राज्यपाल ने तीन पुस्तकों का विमोचन किया

Read in:Hindi

(MOREPIC1)शिमला, फेस2न्यूज

राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राज भवन में बागवानी तथा वानिकी महाविद्यालय, नेरी, हमीरपुर के फल विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के तहत शीतोष्ण फलों की कृषि तथा बागवानी से सम्बन्धित अद्यतन तकनीकी जानकारी पर आधारित तीन पुस्तकों का विमोचन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तकें देश के अन्य भागों तथा प्रदेश में शीतोष्ण फलों की खेती कर रहे किसानों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने में सहायक होंगी। इसके अतिरिक्त यह पुस्तकें बागवानी से सम्बन्धित विषय पर शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी लाभकारी होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जलवायु विभिन्न फल पौधों की खेती के लिए अनुकूल है तथा यहां उपोष्ण-कटिबंधीय से लेकर विशेष शीतोष्ण जलवायु पाई जाती है, जो बागवानी के बृहद आधार को प्रदर्शित करती है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी को मुख्य आजीविका के तौर पर अपनाया गया है जो खाद्य सुरक्षा तथा सन्तुलित आहार के लिए महत्वपूर्ण है। इन पुस्तकों में प्रदान की गई जानकारी इन फलों के उत्पादन में वृद्धि कर किसानों की आय बढ़ाएंगी।

प्रथम पुस्तक गुआवा फार्मिंग इन हिली एरियाज़ डॉ. सोम देव शर्मा, डॉ. विकास कुमार शर्मा, डॉ. के.के. श्रीवास्तव तथा डॉ. शैलेन्द्र कुमार यादव द्वारा लिखी गई है। द्वितीय पुस्तक लीची फार्मिंग इन हिली एरियाज़ डॉ. सोम देव शर्मा तथा डॉ. विकास कुमार शर्मा द्वारा लिखी गई है। तीसरी पुस्तक आत्मनिर्भर इन एग्रीकल्चर-ग्राम स्वावलम्बन एण्ड सस्टेनेबल डवेल्पमेंट डॉ. सोम देव शर्मा, डॉ. विकास कुमार शर्मा तथा डॉ. आशुतोष द्वारा लिखी गई है।

इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश संगठन मंत्री हरि राम भी उपस्थित थे।