Tuesday, 25 August 2026
Breaking News
काज़ीरंगा के इको-सेंसिटिव ज़ोन की सीमा घटाने के प्रस्ताव पर संरक्षण बनाम विकास की बहस  योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाएं, स्वस्थ जीवनशैली बनाएं : बाबूलाल जुनेजा  महाराष्ट्र की नेत्रहीनों ने, भारत-पाक सरहद पर किया रक्षा बंधन कार्यक्रम पंजाब यूनिवर्सिटी परीक्षा में चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो वायरल होने का मामला, देवेश मौदगिल ने राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग की रक्षाबंधन पर 32 फुट वीर हनुमान जी के लिए तैयार की जा रही है सवा 12 फीट से अधिक लंबी राखी कंगाल हो गया बलटाना का इंडस बैंक! छोटी छोटी खुशियां ही जीवन हैं मेरा हरियाणा कप के लिए पहला ऑल इंडिया गर्ल्स वॉलीबॉल कैश प्राइज़ टूर्नामेंट पलवल में 10 अक्टूबर से सुखना झील पर पर्यावरण जागरूकता रैली गौड़िया मठ में भगवान राधा माधव जी की छह दिवसीय झूलन यात्रा का शुभारंभ
चंडीगढ़ Trending

पारस हेल्थ ने 81 वर्षीय कैंसर सर्वाइवर की बचाई जान, लगाया दुर्लभ माइक्रा वीआर2 पेसमेकर

Read in:Hindi

कैंसर सर्वाइवर को सामान्य पेसमेकर नहीं लगाया जा सकता था, इसलिए जांघ के रास्ते बिना दाग वाला माइक्रा वीआर2 पेसमेकर लगाया गया और 24 घंटे में सुरक्षित रूप से उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया

(MOREPIC1) (MOREPIC2) फेस2न्यूज/पंचकूला 

पारस हेल्थ ने कई सेहत से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे 81 वर्षीय कैंसर सर्वाइवर में दुनिया का सबसे छोटा और नया माइक्रा वीआर2 पेसमेकर सफलतापूर्वक लगाया। यह दुर्लभ और जोखिम भरा ऑपरेशन किया गया और मरीज को 24 घंटे के अंदर सुरक्षित डिस्चार्ज कर दिया गया। 

मरीज श्री सी. सिंह की मेडिकल हिस्ट्री काफी जटिल थी। वे गले के कैंसर से सर्वाइव हो चुके थे और कई बार रेडिएशन थेरेपी करवाई थी। इसके कारण उनके सीने पर गहरे निशान हो गए थे, वोकल कॉर्ड पैरालाइज हो चुके थे और खाने के लिए फीडिंग ट्यूब पर निर्भर थे। उनकी कमजोर हालत बार-बार होने वाले इंफेक्शन और बेहोशी की घटनाओं से और बिगड़ गई थी। जांच में पता चला कि उन्हें कंप्लीट हार्ट ब्लॉक है। यह जानलेवा स्थिति थी और उन्हें बचाने के लिए तुरंत इलाज की जरूरत थी।

ज्यादा उम्र, कमजोरी और सीने पर बने गहरे निशानों की वजह से मरीज को सामान्य पेसमेकर नहीं लगाया जा सकता था। इलाज कर रहे कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन अग्रवाल, डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी इंटरवेंशनल ने बताया, “यह केस बहुत चुनौतीपूर्ण था। मरीज की हिस्ट्री देखते हुए सामान्य पेसमेकर लगाने में कई बड़े खतरे थे। माइक्रा वीआर2 एक सुरक्षित और असरदार विकल्प था। इसमें कोई निशान नहीं पड़ता, सीने पर बने पॉकेट्स से इंफेक्शन का खतरा नहीं होता और रिकवरी भी जल्दी होती है। पेसमेकर लगाने के बाद से मरीज को बेहोशी की कोई समस्या नहीं हुई है।”

माइक्रा वीआर2 पेसमेकर लीडलेस हार्ट पेसिंग टेक्नोलॉजी की नई पीढ़ी है। इसमें सामान्य पेसमेकर की तरह तारों और सीने पर कट की जरूरत नहीं पड़ती है। इससे इंफेक्शन का खतरा कम होता है और मरीज को ज्यादा आराम मिलता है। इसका नया डिलीवरी सिस्टम कैथेटर टिप पर 66% तक प्रेशर कम करता है और छेद (परफोरेशन) का अनुमानित खतरा 28.5% तक घटाता है, जबकि इम्प्लांट प्रक्रिया उतनी ही आसान बनी रहती है।

पेसमेकर लगाने के बाद से श्री सिंह स्थिर हो गए हैं और उन्हें दोबारा बेहोशी की समस्या नहीं हुई है। यह केस साबित करता है कि पारस हेल्थ पंचकुला उत्तर भारत में एडवांस्ड हार्ट ट्रीटमेंट्स का एक प्रमुख सेंटर बन गया है। यह नई तकनीक का उपयोग करते हुए पेशेंट फर्स्ट देखभाल पर जोर देता है।