Tuesday, 25 August 2026
Breaking News
काज़ीरंगा के इको-सेंसिटिव ज़ोन की सीमा घटाने के प्रस्ताव पर संरक्षण बनाम विकास की बहस  योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाएं, स्वस्थ जीवनशैली बनाएं : बाबूलाल जुनेजा  महाराष्ट्र की नेत्रहीनों ने, भारत-पाक सरहद पर किया रक्षा बंधन कार्यक्रम पंजाब यूनिवर्सिटी परीक्षा में चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो वायरल होने का मामला, देवेश मौदगिल ने राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग की रक्षाबंधन पर 32 फुट वीर हनुमान जी के लिए तैयार की जा रही है सवा 12 फीट से अधिक लंबी राखी कंगाल हो गया बलटाना का इंडस बैंक! छोटी छोटी खुशियां ही जीवन हैं मेरा हरियाणा कप के लिए पहला ऑल इंडिया गर्ल्स वॉलीबॉल कैश प्राइज़ टूर्नामेंट पलवल में 10 अक्टूबर से सुखना झील पर पर्यावरण जागरूकता रैली गौड़िया मठ में भगवान राधा माधव जी की छह दिवसीय झूलन यात्रा का शुभारंभ
चंडीगढ़ Trending

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन ने आयोजित की 'वन नेशन वन इलेक्शन' पर संगोष्ठी

Read in:Hindi

फेस2न्यूज/ चंडीगढ़

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन ने आयोजित की विचारोत्तेजक संगोष्ठी बार एसोसिएशन द्वारा “वन नेशन, वन इलेक्शन” विषय पर विचारोत्तेजक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारत में एक साथ चुनाव कराने की आवश्यकता पर सूचित और गंभीर चर्चा को प्रोत्साहित करना था।

संगोष्ठी की शुरुआत एडवोकेट रुचि सेखरी, सह-संयोजक, वन नेशन वन इलेक्शन (ONOE) पहल, के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली की दक्षता और शासन में सुधार लाने के लिए चुनावी सुधारों के महत्व को रेखांकित किया।

मुख्य वक्ता एडवोकेट लेखराज शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, BCPH एवं राज्य संयोजक, ONOE, ने संविधानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से एक साथ चुनावों के लाभों पर प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने कहा कि “वन नेशन, वन इलेक्शन” स्थायी शासन सुनिश्चित करने और लगातार चुनावों के चलते राजकोष पर पड़ने वाले बोझ को कम करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। इससे सरकारें दीर्घकालिक नीतियों की योजना और कार्यान्वयन पर निर्बाध रूप से ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। यह सुधार लोकतंत्र की आत्मा को बनाए रखते हुए प्रशासनिक कार्यक्षमता को भी बढ़ाएगा।

मुख्य वक्ता श्री गुरजोत सिंह मल्ही, पूर्व पुलिस महानिदेशक, हरियाणा, ने प्रशासनिक और कानून प्रवर्तन के दृष्टिकोण से अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव डालते हैं। यदि एक साथ चुनाव कराए जाएं तो यह दबाव कम होगा और विकास व कानून-व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहेगी। यह एक तार्किक और समयोचित सुधार है, जिसे आपसी सहमति और सावधानीपूर्वक योजना से लागू किया जाना चाहिए।

संगोष्ठी का संयोजन एडवोकेट पंकज कंसल द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। एडवोकेट ऋषभ मिश्रा और एडवोकेट अजय शर्मा ने भी कार्यक्रम के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन एडवोकेट बृजेश मित्तल, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी सदस्यों की उत्साही भागीदारी की सराहना की और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर बार की सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता दोहराई