(MOREPIC1) अमृतसर, फेस2न्यूज:
कानून निर्माताओं को यह याद रखना होगा कि यह कानून किसी भी तरह ड्राइवरों के हित में नहीं है और हैरानगी यह है कि हिट एंड रन कानून केवल ट्रक और बस चालकों के लिए क्यों? कारें, ट्रैक्टर ट्राली तथा अन्य चौपहिया वाहनों के चालकों के लिए क्यों नहीं? सरकार को विचार करना होगा कि अगर कोई ड्राइवर रुक भी जाता है, वह चाहे किसी भी गाड़ी को चला रहा हो तो जनता ही उन्हें पीट पीट कर अधमरा कर देती है या मार देती है। कानून तो यह बनाना चाहिए कि एक्सीडेंट के बाद जो चालक घायलों की या छोटी गाड़ी वालों की मदद करता है उसको सम्मान दिया जाए अवार्ड दिया जाए।
पंजाब में पूर्व केबिनेट मंत्री रही श्रीमती लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि सरकार को यह भी जानना होगा कि बहुत बार सड़क दुर्घटनाएं छोटी गाड़ी वालों के कारण भी होती है। बहुत सी घटनाएं ऐसी भी हुईं जहां किसी पशु को साइकल या रिक्शा वाले को बचाने के प्रयास में बड़ी गाड़ी भी उलट जाती है। कोई सख्त कानून बनाना है तो उनके लिए बनाइए जो शराब पीकर गाडियां चलाते हैं अधिक दर्घटनाओं का कारण नशा होता है। ट्रक व बस ड्राइवरों पर यह अत्याचार होगा। सरकार यह तय करें। ड्राइवर बंधुओं से भी यह अपील है कि वह अपने आंदोलन को किसी भी तरह हिंसक ना होने दें।
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भारत सरकार नए बनाए हिट एंड रन केस पर पुनर्विचार करे: लक्ष्मीकांता चावला
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