Sunday, 09 August 2026
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दिव्य गीता सत्संग के समापन दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का आशीर्वाद

कैबिनेट मंत्री राजेश नागर ने गीता सत्संग के लिए दिए पांच लाख रुपये, संत-महात्माओं और गणमान्य अतिथियों ने की शिरकत

पंचकूला : श्री कृष्ण कृपा परिवार पंचकूला ट्रस्ट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के तीसरे एवं समापन दिवस पर पंचकूला में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इंद्रधनुष ऑडिटोरियम श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और पूरा वातावरण भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों, भजनों तथा आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। पंचकूला के अलावा चंडीगढ़, मोहाली, जीरकपुर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु परिवार सहित सत्संग में पहुंचे और परमपूज्य गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के दिव्य प्रवचनों का श्रवण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

समापन दिवस पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राजेश नागर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का आशीर्वाद लिया और श्री कृष्ण कृपा परिवार द्वारा आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन की सराहना की। मंत्री राजेश नागर के साथ चेयरमैन ओमप्रकाश देवीनगर, चेयरमैन देश राज पोसवाल तथा संजय आहूजा भी विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचे।

गीता के संदेश को जीवन में उतारना जरूरी : राजेश नागर

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश नागर ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश केवल धार्मिक ग्रंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता को जीवन जीने की सही दिशा दिखाता है। आज के समय में समाज को संस्कार, सेवा, सद्भाव और सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने श्री कृष्ण कृपा परिवार द्वारा आयोजित दिव्य गीता सत्संग की सराहना करते हुए मंच से पांच लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में सहयोग करना समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी है और ऐसे आयोजनों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

मंत्री राजेश नागर ने स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज से आशीर्वाद लिया और आयोजन की सफलता के लिए श्री कृष्ण कृपा परिवार के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई दी। इस अवसर पर राजीव गुप्ता, कमिश्नर लेबर एवं ट्रांसपोर्ट विभाग, पूर्व महापौर उपिंदर आहलूवालिया तथा श्रवण गर्ग, चेयरमैन एवं पूर्व हरियाणा गो सेवा आयोग सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम में संत-महात्माओं की विशेष उपस्थिति ने इसकी आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ा दिया। विश्वामित्र गिरि जी महाराज, रामनिक शास्त्री जी तथा सतगुरु दरबार से गुरु जी विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने संत-महात्माओं एवं गणमान्य अतिथियों का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया।

गीता जीवन जीने की कला सिखाती है : स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज

सत्संग के तीसरे दिन स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने श्रीमद्भगवद्गीता के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से जीवन का गूढ़ रहस्य समझाते हुए कहा कि गीता केवल पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा और हर परिस्थिति में संतुलित रहने की कला सिखाती है।  जीवन में सुख-दुख, लाभ-हानि, सफलता-असफलता और मान-सम्मान का दौर चलता रहता है। परिस्थितियां कभी एक जैसी नहीं रहतीं, लेकिन जो व्यक्ति भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को समझकर अपने जीवन में उतार लेता है, वह विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और संतुलन बनाए रखना सीख जाता है।

महाराज जी ने कहा कि मनुष्य को अपने कर्म और कर्तव्य से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए तथा कर्म के परिणाम की चिंता भगवान पर छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य तनाव, चिंता, असंतोष और मानसिक अशांति से घिरा हुआ है। ऐसे समय में श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान व्यक्ति के भीतर शांति, धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच पैदा करने की शक्ति रखता है। भगवान श्रीकृष्ण को केवल मंदिरों तक सीमित रखना भक्ति नहीं है। भगवान के विचारों, आदर्शों और संदेश को अपने व्यवहार और जीवन में उतारना ही सच्ची भक्ति है। माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना, परिवार में प्रेम बनाए रखना, जरूरतमंदों की सेवा करना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी भगवान की आराधना का ही स्वरूप है।

स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि भक्ति मनुष्य को कमजोर नहीं बल्कि भीतर से मजबूत बनाती है। जब व्यक्ति भगवान पर विश्वास रखते हुए अपने कर्तव्य के मार्ग पर चलता है तो उसमें बड़ी से बड़ी कठिनाई का सामना करने की शक्ति पैदा होती है। उन्होंने युवा पीढ़ी से भारतीय संस्कृति, संस्कारों और अपनी महान आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ने तथा श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
महाराज जी के प्रेरणादायी प्रवचनों के दौरान पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

गीता का ज्ञान आज के समाज की जरूरत : श्री कृष्ण कृपा परिवार

श्री कृष्ण कृपा परिवार के संरक्षक एवं मेयर श्याम लाल बंसल, प्रधान जगमोहन गर्ग, संयोजक परमिंदर ढींगरा, महासचिव धर्मपाल सिंगला एवं वनीत जैन ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गीता का ज्ञान समाज के लिए पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। गीता मनुष्य को तनाव और नकारात्मकता से बाहर निकलकर संयम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

श्री कृष्ण कृपा परिवार का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और श्रीमद्भगवद्गीता के जीवनदर्शन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से पंचकूला में तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का आयोजन किया गया। तीनों दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति इस बात का प्रमाण रही कि समाज में आध्यात्मिक ज्ञान और भारतीय संस्कारों के प्रति गहरी आस्था है। इस आयोजन से पंचकूला में आध्यात्मिकता, भक्ति, संस्कार और भारतीय संस्कृति की एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

आयोजकों ने पंचकूला सहित चंडीगढ़, मोहाली, जीरकपुर और आसपास के क्षेत्रों से परिवार सहित सत्संग में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तीनों दिन श्रद्धालुओं ने जिस श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया, वह भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रमाण है।

कार्यक्रम का मंच संचालन संदीप चुग ने प्रभावशाली ढंग से किया।

इस अवसर पर विश्वामित्र गिरि जी महाराज, रमणीक शास्त्री, सतगुरु दरबार से गुरु जी, कैबिनेट मंत्री राजेश नागर, चेयरमैन ओमप्रकाश देवीनगर, चेयरमैन देश राज पोसवाल, संजय आहूजा, राजीव गुप्ता कमिश्नर लेबर एवं ट्रांसपोर्ट विभाग, पूर्व महापौर उपिंदर आहलूवालिया, श्रवण गर्ग चेयरमैन एवं पूर्व हरियाणा गो सेवा आयोग, प्रदेश सचिव लतिका शर्मा, एस.पी. सिंगला, प्रदीप गोयल, वनीत जैन, सुशील बिंदल, दीपक लूथरा, बी.बी. गर्ग, सुरनेश सिंगला, रिम्पी गर्ग, परवीन अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, बृज लाल गर्ग, कैलाश मित्तल, तेजपाल गुप्ता, सुरिंदर गोयल, नरेश सांवरा, दिनेश गुप्ता, विजय गर्ग, सतप्रकाश बंसल, सुरिंदर सिंगला, मदन लाल बंसल, संजय गर्ग, साहिल गोयल, महिला अध्यक्ष रूपाली जैन, सुमन ढींगरा, सीमा सिंगला, सुनीता लूथरा, डॉ. साधना अग्रवाल, सुनीता गर्ग, कुसुम गुप्ता, राज नागपाल, पार्षद अनुराधा पुरी, मनीषा, नीलम, नीरज मित्तल, सत्य भगवान सिंगला, संजीव गर्ग, पवन मित्तल, सुभाष सिंगला, विजय अग्रवाल, सतीश जिंदल, राज मित्तल एवं अनिल गुप्ता सहित श्री कृष्ण कृपा परिवार के अनेक पदाधिकारी, सदस्य, गणमान्य नागरिक और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन अवसर पर आयोजकों ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल सत्संग तक सीमित नहीं, बल्कि गीता के संदेश को प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन तक पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन पंचकूला में आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और संस्कारों के प्रति जागरूकता को और मजबूत करेगा।