Friday, 23 October 2026
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अजय हत्याकांड: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को निष्पक्ष जांच व कार्रवाई के निर्देश

अबोहर। अबोहर के संत नगर में 27 सितंबर 2026 को हुई अजय कुमार की गोली मारकर हत्या के मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सिफारिश की है। आयोग ने अपने पत्र में घटना की गंभीरता और मृतक के परिवार द्वारा जांच की प्रगति पर जताई गई चिंताओं का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों से उचित कार्रवाई करने को कहा है।

आयोग के सदस्य हरदीप सिंह गिल द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि अजय कुमार को गोली लगने से गंभीर चोटें आई थीं और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पत्र के अनुसार, मृतक वाल्मीकि/सफाई कर्मचारी समुदाय से संबंधित थे और उनके पिता भी सफाई कर्मचारी हैं।

आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिफारिश की है कि मामले की जांच ऐसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराई जाए, जो पहले से इस जांच से सीधे तौर पर जुड़े न हों, ताकि सभी तथ्यों और साक्ष्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके। इसके साथ ही मृतक के मृत्यु से पहले दर्ज बयान, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध सामग्री की बारीकी से जांच करने को कहा गया है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि जांच में जिन व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आए, उनके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कानून के अनुसार कदम उठाए जाएं। आयोग ने पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की बात कही है। यदि किसी प्रकार के खतरे की आशंका हो, तो लागू कानून और गवाह संरक्षण योजना-2018 के तहत आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, पीड़ित परिवार को मुआवजे, कानूनी सहायता और अन्य अनुमन्य राहत उपलब्ध कराने पर विचार करने तथा मामले में उठाए गए कदमों की रिपोर्ट आयोग को भेजने के लिए भी कहा गया है।

इस मामले में विधायक संदीप जाखड़ ने आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच के लिए पंजाब सरकार के मुख्य सचिव तथा डीजीपी को पत्र लिखने का स्वागत करते हुए आयोग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अजय के परिवार को न्याय के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। पंजाब सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार किन प्रभावशाली लोगों या अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है? उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस मामले में कार्रवाई को लेकर परिवार की चिंताएं सामने आई हैं, उससे लोगों का जिला फाजिल्का पुलिस से विश्वास उठ चुका है, परिवार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

संदीप जाखड़ ने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के हस्तक्षेप के बाद पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएंगे।

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