Sunday, 20 September 2026
Breaking News
भारत-पाक सीमा पर अब रिट्रीट सैरेमनी सांय 5.30 बजे   उत्तम शौच धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाया पुष्पदंत भगवान का निर्वाण दिवस श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में धूमधाम से मनाई गई राधाष्टमी, राधा रानी का पंचामृत से महाभिषेक किया गया नशे के अड्डे कालोनियों के साथ-साथ शहर के पॉश इलाकों में भी हैं : तरसेम मित्तल जब सरकार गैंगस्टरों को जेलों से लाकर हलका इंचार्ज बनाएगी, तो नशा माफिया का बेलगाम होना तय है : सुनील जाखड़ उत्तम आर्जव धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने की आत्मशुद्धि एवं आत्मकल्याण की भावना बाबा रामदेव भादवा नवमी पर राम दरबार में होगा विशाल जम्मा जागरण व भंडारा माँ जानकी सेवा समिति चंडीगढ़ ट्राइसिटी द्वारा आयोजित श्री विश्वकर्मा पूजा एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ भव्य समापन नई दिल्ली में ब्रिक्स का संदेश: भारत की वैश्विक भूमिका के लिए बढ़े अवसर बरनाला सीमा में बिछी हुई थिंक गैस पाइपलाइन लीक
पंजाब Trending

एन.ओ.सी. जारी करने में किसी भी तरह की देरी न की जाए: वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग की कार्यकुशलता में विस्तार करने और इसके कामकाज को और अधिक सुचारू बनाने के उद्देश्य से, वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक ने विभाग के अधिकारियों को चल रहे प्रोजेक्टों में तेज़ी लाने और इनको समय पर मुकम्मल करने के साथ-साथ प्राप्त ग्रांट्स की सही प्रयोग करने के निर्देश दिए।
पंजाब सिविल सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मंत्री को अवगत करवाया गया कि दिढ़बा पार्क के लिए विकास योजना के अनुसार पखाने, चारदीवारी का निर्माण करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा लैंडस्केपिंग, वॉकिंग ट्रैक, गार्ड क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। इसके साथ ही फरवरी के मध्य के बाद पौधे लगाने का काम शुरू किया जाएगा, क्योंकि तब तक सर्दियों का मौसम ख़त्म हो जाएगा।
वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के अंतर्गत एन.ओ.सीज का मुद्दा उठाते हुए मंत्री ने हिदायत की कि तथ्यों की पड़ताल के उपरांत एन.ओ.सी. जारी करने में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा पंजाब सरकार की नीति के अनुसार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य के हितों के लिए अधिकारियों को एक टीम के रूप में काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए मंत्री ने पठानकोट में कथलौर वन्यजीव अभयारण्य के विकास और वल्चर रैस्टोरैंट के उचित रखरखाव के अलावा कंडी क्षेत्रों में प्राकृतिक तरीके से पौधे लगाने के विकल्प तलाशने पर ज़ोर दिया।