Monday, 29 June 2026
Breaking News
राष्ट्र स्तरीय शूलिनी मेला संपन्न,राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने की ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना इलेक्ट्रिक बसों पर सरकार 50 और डीजल बसों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी: मुख्यमंत्री मासिक नवकार महामंत्र पाठ एवं भक्तामर दीप अर्चना, जैन मिलन ने मेनका गाँधी की आलोचना की आखिर व्यंग्य क्या है? अंबुवाची मेला और माँ कामाख्या: प्रकृति, शक्ति और आस्था का अद्भुत संगम चौपाल एप्प पर हरदीप फ़िल्म्स एंटरटेनमेंट यूके की ताज़ा प्रस्तुति फ्लैटमेट्स ने मचाया धमाल स्वर्गीय ओम प्रकाश गोयल मेमोरियल सीनियर महिला डे नाइट ट्वेंटी-20 कैश प्राइज़ क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला संस्करण 3 जुलाई से लोकतंत्र भारत की आत्मा और पहचान : घनश्याम दास अरोड़ा नेक्टर केमिकल फैक्ट्री की भूमिगत पाइपलाइन टूटी, लापरवाही आई सामने, नगरपरिषद के पास रिकॉर्ड तक नहीं रामायण कुशवाहा प्रदेश महासचिव ने रमेश कुमार राजभर को शहीद उधम सिंह जिला का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया
पंजाब

पराली को चारे के तौर पर इस्तेमाल के रास्ते तलाशने की योजना तैयार करने के निर्देश

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजूआ की तरफ से धान की पराली का योग्य ढंग से निपटारा करने के लिए पराली को पशुओं के चारे के तौर पर इस्तेमाल करने के रास्ते तलाशने और इस संबंधी किसानों को जागरूक करने के लिए व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजाब सिवल सचिवालय में मुख्य सचिव ने पशु पालन और डेयरी विकास, सहकारिता, कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों के इलावा गुरू अंगद देव वैटरनरी यूनिवर्सिटी फॉर एनिमल सायंसेज़, लुधियाना और पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी, लुधियाना के अधिकारियों के साथ मीटिंग करते हुये कहा कि सरकार की तरफ से धान की पराली के प्रबंधन के लिए इन सीटू और एक्स सीटू इंतज़ाम कर रही है। इसी दिशा में पराली को पशुओं के चारे के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने पर काम कर रहा है।
मुख्य सचिव ने उक्त तीनों ही विभागों और दोनों यूनिवर्सिटियों के विशेषेज्ञों को लेकर कमेटी बनाने के लिए कहा, जो राज्य में अलग-अलग स्थानों पर डेयरी के धंधे से जुड़े प्रगतिशील किसानों के साथ संबंध कायम करके इस दिशा में काम करे। उन्होंने कहा कि जिन पशु पालकों की तरफ से पहले ही इसका प्रयोग किया जा रहा है, उनकी फीडबैक ली जाये।
प्रमुख सचिव पशु पालन, डेयरी विकास एवं मछली पालन विकास प्रताप ने मुख्य सचिव को बताया कि इस विधि के प्रयोग से जहाँ पराली का प्रबंधन सुचारू तरीके से होगा वहीं पशु पालकों को आर्थिक लाभ भी होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि इस सम्बन्धी डेयरी विकास के प्रशिक्षण केन्द्रों, कृषि विज्ञान और मिल्क यूनियनों के द्वारा किसानों को जागरूक किया जाये।