Monday, 12 October 2026
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बिसत दोआब नहर से खेतों तक पानी लाने का अभियान चलाया संत सीचेवाल ने

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सुल्तानपुर लोधी, फेस2न्यूज:
पर्यावरणविद व राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने भूमिगत जल बचाने की मुहिम की शुरुआत करते हुए किसानों से बिसत दोआब नहर के पानी का उपयोग खेती में करने की अपील की। संत सीचेवाल ने दोआबे से होकर गुजरने वाली बिसत दोआब की वितरिकाओं का विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण करने के बाद कहा कि पंजाबी नहर के पानी का केवल 34 प्रतिशत उपयोग करते हैं, जबकि राजस्थान नहर के पानी का दोगुना उपयोग कर रहा है। जहां खेतों में पानी लाने के लिए खालो का इस्तेमाल किया जाता था, वह अब नहीं रहा। पुराने जमाने में हर खेत में सूए और कस्सियां के जरिए पानी पहुंचाने की कोशिश की जाती थी पर दोआबा में किसानों ने नहर के पानी की जगह मोटर के पानी का इस्तेमाल करने को तरजीह दी थी। संत सीचेवाल ने कहा कि अब खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी, जिसका पूरा खर्चा पंजाब सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि नहरों से पानी खेतों तक लाने में लगने वाले पाइपों का पूरा खर्चा राज्य सरकार करेगी।
संत सीचेवाल ने कहा कि बिसत दोआब नहर में 1450 क्यूसेक पानी प्रवाहित करने की क्षमता है, लेकिन मालवा के किसानों की तरह इस क्षेत्र के किसान नहर के पानी की मांग नहीं कर रहे हैं। इस कारण बिसत दोआब नहर में कभी भी 1450 क्यूसेक पानी नहीं छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से बिसत दोआब की नहरों के किनारों को कांक्रीट से पक्का करने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया था ताकि पानी सिरे तक पहुंच सके पर नहर को पक्का करने में तो करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई।
संत सीचेवाल ने कहा कि केंद्रीय भूजल बोर्ड की वर्ष 2017 की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में भूमिगत जल 2039 तक 1000 फीट गहरा हो जाएगा, जिससे खेती करना बहुत मुश्किल हो जाएगा। इतनी गहराई से पानी निकालना अपने आप में एक बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मोटर के बजाय नहर के पानी का उपयोग खेती के लिए करें।

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