जीरकपुर, कृत्रिका:
गाजीपुर के ओल्ड कालका रोड पर स्थित प्लैटिनम सोसाइटी के लोगों द्वारा सीवरेज का गंदा बिना ट्रीट किए खुले में छोड़ा हुआ है। जिस कारण बिमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। हालांकि सोसाइटी में ट्रीटमेंट प्लांट लगा हुआ है लेकिन वह चलता ही नही है। जिस कारण सोसाइटी के ही लोगों न सोसाइटी में डाली सीवरेज लाइन में मोटर लगाकर 200 फीट लंबा पाइप लगाकर गंदा पानी सड़क किनारे छोड़ा हुआ है और गंदा पानी एक नाले के जरिए वहां से निकाला जा रहा है। जिस तरफ कोई ध्यान नही दे रहा है। वहीं नगर काऊंसिल का कहना है कि हम इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते क्योंकि सोसाइटी उनके हैंड ओवर नही है और न ही उनकी सीवरेज लाइन में यह पानी छोड़ा जा रहा है। यह प्रदूषण बोर्ड का काम है। लेकिन प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों के पास इसकी जानकारी ही नही है। बहुत सारे लोग इससे परेशान हो रहे हैं। खुले में सीवरेज का गंदा पानी गिराने से बीमारियों का खतरा बना बहुत ज्यादा बढ़ गया है। जबकि यहां पिछले माह प्लैटिनम होम सोसाइटी में ही दर्जनों लोग डायरिया से बीमार हो गए थे। सेहत विभाग द्वारा स्पेशल मुहिंम चलाकर लोगों का इलाज व चैकिंग की गई थी। वहीं करीब छह महीने पहले गाजीपुर गांव में भी डायरिया फैल गया था और यहीं वाटर सप्लाई में लीकेज होकर गंदा पानी पीने वाले पानी में मिल गया था।
इस क्षेत्र में दो बार फैला चुका है डायरिया, प्रसाशन रोकने में नाकाम
सोसाइटी के लोगों द्वारा जिस जगह सीवरेज का गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। उसके कारण इस एरिया में दो बार डायरिया फैल चुका है। करीब छह महीने पहले गाजीपुर गांव में डायरिया फैलने से सेंकड़े लोग बीमार हो गए थे और सेहत विभाग ने मौके पर पहुंचकर लोगों की जांच की और उनका इलाज किया था। उस समय भी यहीं लाइन में लीकेज हुई थी जहां यह गंदा पानी इस समय छोड़ा हुआ है और पिछले माह तो सोसाइटी में ही दर्जनों लोग बीमार हो गए थे, जिन्हें उल्टियां और दस्त की शिकायत हुई थी। इसके बाद भी प्रसाशन ने कोई सबक नहीं लिया और सोसाइटी के जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जिस कारण आज भी सीवरेज का गंदा पानी खुले में छोड़ा जा रहा है।
इस एरिया में मेरी पोस्टिंग अभी हुई है, मुझे आपके माध्यम से जानकारी मिल गई है तो कल ही साईट विजिट कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
— प्यूष जिंदल, प्रदूषण विभाग जीरकपुर