Saturday, 01 August 2026
Breaking News
ठहरे चरण, बहती करुणा: चातुर्मास का गूढ़ दर्शन और सूक्ष्म अहिंसा श्री नयना देवी धाम पर बरनाला के धार्मिक संगठन को मिली मेडिकल शिविर लगाने की अनुमति एडवोकेट रोहित जोशी लोजपा (रामविलास), चण्डीगढ़ के लीगल सेल के जिला अध्यक्ष नियुक्त मुख्यमंत्री ने ‘जाखू मन्दिर-संजीवनी बूटी का रहस्य’ पुस्तक का किया विमोचन गुरु पूर्णिमा पर किन्नर समाज ने साईं बाबा को सोने का छत्र किया अर्पित हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम गुरु रविदास नॉर्थ ज़ोन गर्ल्स वॉलीबॉल ट्रॉफी का करेंगे अनावरण पंजाब को इंग्लैंड, फिनलैंड, न्यूजीलैंड आइसलैंड बनाने की जगह आप सरकार ने बना दिया धरना-लैंड, नशा-लैंड, गैंगस्टर-लैंडः ढिल्लों  गुरु रविदास ट्रॉफी: पहला नॉर्थ जोन गर्ल्स वॉलीबॉल कैश प्राइज टूर्नामेंट 18 अगस्त से पंचकूला में संगरूर में भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला गौ हत्या बंद कराने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने एडीसी को दिया ज्ञापन
चर्चा Trending

अक्षरधाम में मनाए गए गोवर्धनपूजा और अन्नकूट महोत्सव

Read in:Hindi

अबोहर, फेस2न्यूज ब्यूरो:
पिछले पाँच दिनों से दिल्ली के अक्षरधाम में उत्सवों की शृंखला मनाई जा रही है। धन-त्रयोदशी, हनुमान चतुर्दशी, दीपावली के बाद श्री गोवर्धनजी पूजन तथा अन्नकूट उत्सव भी बड़े हर्षोल्लास से मनाए गए। इस पर्व में हजारों भाविक जन पधारे।
अक्षरधाम परिसर की रोनक देखते ही बनती थी। सम्पूर्ण परिसर को फूलों के तोरण से सजाया गया था। संतों ने वैदिक महापूजाविधि से गोवर्धन जी का पूजन किया। मंडप में ही गोमाता की अर्चना कर उनकी मंत्रों से स्तुति की गई। भारत की प्राचीन सनातन परंपरा में गोवर्धन पूजा का बड़ा महत्त्व है। भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र के कोप से गोकुलवासियों की रक्षा की थी। तबसे गोवर्धन जी की पूजा प्रचलित हुई। भगवान की शरणागति के साथ प्रकृति के प्रति प्रेम का भी यह अनुपम उदाहरण है। आज समग्र विश्व में यह उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। भारतीय सनातन संस्कृति और धर्म के वैश्विक प्रचारक परम पूज्य महंतस्वामी महाराज की प्रेरणा से अक्षरधाम संस्थान के विश्वभर के सभी मंदिरों में यह उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।
इसके साथ ही यह समय फसल की कटाई का है। भक्तों की भावना होती है कि पहली फसल के व्यंजन बनाकर भगवान को अर्पण करें। भगवान के मंदिरों में लगनेवाले इस अन्न के कूट अर्थात् पर्वत को ही अन्नकूट उत्सव कहते हैं। भक्तजन सैंकड़ों व्यंजन बनाकर भगवान के समक्ष थाल में सजाते हैं। अंत में उसी भोग में से भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं।
विश्वप्रसिद्ध दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर में भारतीय सनातन धर्म के सभी उत्सव बड़ी गरिमा से मनाए जाते हैं। इस उत्सव का लाभ लेने के लिए सम्पूर्ण विश्व से श्रद्धालु यहाँ आते हैं।