(MOREPIC1) फेस2न्यूज / पंचकूला
आदर्श रामलीला ड्रामाटिक क्लब ने श्री राम और सीता जन्म का भव्य मंचन किया . रात्रि के कार्यक्रम की शुरुआत अयोध्या नरेश दशरथ की पुत्र-प्राप्ति की व्याकुलता से हुई, जिसमें ऋषि वशिष्ठ ने दशरथ जी को श्रृंगी ऋषि के माध्यम से यज्ञ करवा कर पुत्र प्राप्ति का उपाय सुझाया।
यज्ञ के फलस्वरूप चारों पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।
इसी के साथ जनकपुरी में सीता जी का जन्म धरती से राजा जनक जी द्वारा हल जोतते समय दर्शाया गया। उधर वनों में राक्षसों का आतंक बढ़ने लगा, जिससे विश्वामित्र जी की तपस्या भंग हो गई।
सहायता के लिए वे राजा दशरथ के दरबार में पहुँचे और राम तथा लक्ष्मण को राक्षसों के संहार हेतु साथ ले जाने का आग्रह किया।
(MOREPIC2) आरंभ में दशरथ जी थोड़े असहज हुए, किन्तु अंततः दोनों पुत्रों को विश्वामित्र जी के साथ भेजने के लिए सहमत हो गए।
सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को बेहद प्रभावशाली और भावपूर्ण ढंग से निभाया।