Friday, 08 May 2026
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पुलिस ने अपहृत नाबालिग को छुड़ाया, मामा-भांजा गिरफ्तार

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दिल्ली, फेस2न्यूज:
दिल्ली के भाग-1, गौतमपुरी के क्षेत्र में अपने निवास के पास एक जगह से 01 जनवरी की रात करीब 8.30 बजे 5 वर्षीय एक नाबालिग बच्चा लापता हो गया था। 2 दिनों तक पूरे क्षेत्र में स्थानीय रूप से खोज करने के बाद, लड़के के पिता 44 वर्षीय बुचू पासवान निवासी गौतमपुरी, बदरपुर, दिल्ली ने 03जनवरी को थाना बदरपुर आये और बताया कि उनका लगभग 5 वर्ष का पुत्र घर के बाहर खेल रहा था कि अचानक लापता हो गया।
शिकायतकर्ता ने अपहरण के लिए किसी पर संदेह या आरोप नहीं लगाया। अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, थाना बदरपुर में प्राथमिकी संख्या 04/23 दिनांक 03.01.2023 आईपीसी की धारा 363 के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
एक विशेष टीम जिसमें एसआई राजीव गौतम, एसआई अमित कुमार, एसआई ओंकार, एसआई विकास, प्रधान सिपाही सुभाष, प्रधान सिपाही राजेंद्र, प्रधान सिपाही राजा राम, प्रधान सिपाही राजेश और सिपाही पवन कुमार शामिल थे इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह (एसएचओ/बदरपुर), इंस्प. ब्रह्म प्रकाश (निरीक्षक निरीक्षण/बदरपुर) के नेतृत्व में, जोगेंद्र सिंह जून एसीपी/बदरपुर की देखरेख में व Ms ईशा पांडे, डीसीपी/दक्षिण-पूर्व जिला के मार्गदर्शन में बच्चे को बचाने और अपराधी को पकड़ने के लिए गठित की गयी थी। इसके अलावा, गुप्त मुखबिरों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया था और इस संबंध में जानकारी एकत्र करने का काम सौंपा गया था।
जांच और पूछताछ:
जांच को आगे बढ़ाने के लिए, शिकायतकर्ता, उसके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, दोस्तों और क्षेत्र के स्थानीय निवासियों की टीम द्वारा विस्तृत पूछताछ की गई। टीम ने शिकायतकर्ता के आवास के आसपास के पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। लड़के को केवल एक कैमरे में खेलते और घूमते हुए ट्रैक किया गया था लेकिन बच्चे के अपहरण के तथ्य की पुष्टि करने के लिए प्रयाप्त सुराग नही मिले।
प्रयासों के बाद, पुलिस अधिकारियों को एक सफलता मिली कि एक स्थानीय निवासी और शिकायतकर्ता के पड़ोसी नीरज पुत्र सतीश ने भी उस रात से क्षेत्र से गायब था और अगली सुबह तक वह नहीं लौटा। इसलिए, उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स का बड़े पैमाने पर विश्लेषण किया गया और इससे पता चला कि वह दिल्ली छोड़कर चला गया था। आखिरकार, टीम ने संदिग्ध नीरज का पता लगाया, जिसने शुरू में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन लगातार पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने अपने घर के पास एक जगह से बच्चे का अपहरण कर लिया था और उसे अपने मामा यानी सुनीत बाबू के गांव जीरावली, जिला अलीगढ़ (यूपी) के घर में स्थानांतरित कर दिया था। उसने आगे खुलासा किया कि उसके मामा की पत्नी ने चार बेटों को जन्म दिया था लेकिन उनमें से कोई भी जीवित नहीं रह सका और उनके जन्म के ठीक बाद एक के बाद एक मर गए। इसके अलावा, उसने खुलासा किया कि वह अपने मामा को एक बच्चा उपहार में देना चाहता था। लिहाजा, उसने गौतमपुरी इलाके से बच्चे के अपहरण की योजना बनाई|
जैसे ही यह पता चला कि बच्चा जिला अलीगढ़ (यूपी) के जीरावली गांव में मौजूद है, टीम तुरंत कार्रवाई में जुट गई और बच्चे को सकुशल बचा लिया। बच्चे का मेडिकल कराया गया है और दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच चल रही है।
आरोपी व्यक्तियों की पृष्ठभूमि:
1.आरोपी सुनीत पुत्र सुरेश निवासी अलीगढ़ उप्र उम्र 31 वर्ष 7वीं तक पढ़ा है। वह एक राजमिस्त्री हुआ करता था। उसके खिलाफ पहले से कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है।
2. आरोपी नीरज पुत्र सतीश निवासी बदरपुर, दिल्ली उम्र 21 साल 12वीं तक पढ़ा है| वह मोहन कोपरेटिव में रोहन मोटर्स के अधीन काम करता था। उसके खिलाफ पहले से कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है।