Saturday, 18 July 2026
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बरनाला निराश: फुर्र हो निकल गई वंदे भारत

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एक महीने से रुकने का इंतजार कर रहे लोग नहीं कर सके फूल वर्षा भी, केंद्रीय मंत्री द्वारा बरनाला में रुकने का वादा करने के बावजूद ट्रेन नही रोक रेलवे ने बरनालावासियों के साथ धोखा किया: सांसद  मीत हेयर

(MOREPIC1) अखिलेश बंसल/ बरनाला 

फिरोजपुर से दिल्ली के लिए आज शुरू हुई तीव्र गति वंदे भारत ट्रेन का एक महीने से बरनाला स्टेशन पर रुकने का इंतजार कर रहे लोगों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, वकीलों सहित तमाम वर्गों को निराशा हाथ लगी। यह सुपर फास्ट गाड़ी शनिवार को बरनाला रेलवे स्टेशन की सीमा में दाखिल हुई और मात्र 3 सेकंड में सुनामी की तरह निकल गई। यहां तक कि जो लोग वंदे भारत का अभिनंदन करने पहुंचे थे उन्हें फूल वर्षा करने तक का वक्त नहीं मिला। फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन के बरनाला में न रुकने पर सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने नाराजगी जताई है। उन्होंने रेलवे को 1 दिसंबर का अल्टीमेटम दिया है।

बरनाला में क्यूं जरूरी है ठहराव

खोजना चाहिए केंद्र सरकार की हो चाहे राज्य सरकार की उसको बरनाला में लाना, उस योजना को शुरू करना, उसका ठहराव करना बहुत ही जरूरी है। जिसका कारण है बरनाला में ट्राइडेंट उद्योग, आईओएल, ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर इन दिग्गज इंडस्ट्रीज के साथ छोटी-छोटी बहुत सी इंडस्ट्री हैं जिनके उद्योगपति और इंजीनियर का दूरदराज राज्यों, देश विदेश में आवागमन रूटीन में होता है।

(MOREPIC2) शिक्षा के क्षेत्र में भी बरनाला काफी बड़ी हब मानी जाने लगी है, इस क्षेत्र के आसपास के सैकड़ो गांव से युवा भारत के विभिन्न राज्यों में अच्छे पदों पर नौकरी कर रहे हैं, जीने समय पर आने जाने के लिए रेलवे के पास सीटें भी उपलब्ध नहीं होती। एयरफोर्स स्टेशन की बात करें तो यहां से हमारे सैनिक, डिफेंस अधिकारी और स्टाफ कर्मी भी आवागमन करते हैं

ठहराव से फायदे में रहेगी वंदे भारत

सुपर फास्ट वंदे भारत गाड़ी का अगर बरनाला में ठहराव होता है तो वंदे भारत को फिरोजपुर और बठिंडा के मुकाबले बरनाला स्टेशन से बुकिंग सबसे ज्यादा मिलेगी। रेलयात्री लंबे रूट पर सफर करना पसंद करेंगे। जो यात्री दिल्ली या चंडीगढ़ एयरपोर्ट से विदेशों या दूर के राज्यों तक के लिए आते जाते हैं लेकिन टैक्सी गाड़ियों, वॉल्वो, मर्सडीज बसों से बरनाला पहुंचते हैं वो पैसेंजर भी वंदे भारत को ही पहली पसंद मानेंगे।

सांसद ने दिया अल्टीमेटम

संगरूर बरनाला के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने मीडिया से बात करते कहा कि वंदे भारत का बरनाला में प्रति चक्र ठहराव करने के लिए केंद्रीय मंत्री ने जो वादा किया वह धोखा पूर्ण था।उन्होंने रेलवे को 1 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। उसके तुरंत बाद बरनाला स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन होगा। मीत हेयर ने कहा कि बरनाला निवासियों की हाई-स्पीड रेल की मांग लंबे समय से है।

वंदे भारत के ठहराव की उम्मीद बरकरार

बरनाला जिला तथा इसके आसपास के सैकड़ो गांवों शहरों कस्बों को वंदे भारत का बरनाला में ठहराव की उम्मीद अभी भी बरकरार है। क्योंकि बरनाला स्टेशन साहित्य के पक्ष से, धार्मिकता के पक्ष से, समाज सेवा के पक्ष से, राजनीति के पक्षसे, व्यापार के पक्ष से, सामाजिक सुरक्षा के पक्ष से, कल और संस्कृति के पक्ष से पूरी तरह मजबूत है।