Wednesday, 29 July 2026
Breaking News
हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम गुरु रविदास नॉर्थ ज़ोन गर्ल्स वॉलीबॉल ट्रॉफी का करेंगे अनावरण पंजाब को इंग्लैंड, फिनलैंड, न्यूजीलैंड आइसलैंड बनाने की जगह आप सरकार ने बना दिया धरना-लैंड, नशा-लैंड, गैंगस्टर-लैंडः ढिल्लों  गुरु रविदास ट्रॉफी: पहला नॉर्थ जोन गर्ल्स वॉलीबॉल कैश प्राइज टूर्नामेंट 18 अगस्त से पंचकूला में संगरूर में भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला गौ हत्या बंद कराने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने एडीसी को दिया ज्ञापन नागा पहाड़ियों में विकास परियोजनाएं और अवैध खनन: असम की बाढ़ त्रासदी का कारण ! सप्त शक्ति कमांड में मनाया गया कारगिल विजय क्या अब धर्मपुर में भी किसी की जान जाने का इंतज़ार है? टी.एस.एम. स्पोर्ट्स चंडीगढ़ विजयी और रनर-अप करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी सफाई सेवकों पर हुए लाठीचार्ज से महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
चर्चा Trending

तिरुपति मंदिर के प्रसाद की जांच तक वितरण बंद किया जाए: लक्ष्मीकांता चावला

Read in:Hindi

(MOREPIC1) फेस2न्यूज/ अमृतसर

पूर्व मंत्री और भाजपा नेत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा है कि आंध्रप्रदेश के श्री तिरुपति बालाजी के मंदिर में लड्डुओं का जो प्रसाद बनता है उसमें पशुओं की चर्बी मिला घी का प्रयोग करने का पूरे देश में विरोध हो रहा है। भारत सरकार ने यद्यपि यह घोषणा कर दी है कि केंद्रीय खाद्य पदार्थों की जांच करने वाली एजेंसी के द्वारा इसकी जांच करवाई जाएगी, पर जब तक यह जांच नहीं हो जाती तब तक क्या यह लड्डू बनने और बांटने बंद कर दिए जाएंगे?

सच तो यह है कि इस समाचार के बाद किसी भी मंदिर से और किसी भी हलवाई की दुकान से कोई भी प्रसाद या मिठाई खाने में संकोच हो रहा है। मेरा भारत सरकार और सभी प्रांतों की सरकारों से यह निवेदन है कि वे अपने अपने राज्य के सभी धार्मिक संस्थानों के यहां बनने और बांटने वाले भोजन प्रसाद की जांच करवाएं और यह देखें कि कहां—कहां पशुओं की चर्बी मिले घी से प्रसाद तैयार किया जा रहा है।

(SUBHEAD)भारत सरकार अपने सारे साधनों का युद्ध स्तर पर प्रयोग करके जनता को यह जानकारी दे कि हमें जो मार्केट में घी बिक रहा है, हलवाई जिसका प्रयोग कर रहे हैं, मंदिरों में जिसका प्रसाद बन रहा है वह खाना चाहिए या नहीं। अभी तो पूरी जनता विशेषकर शाकाहारी लोग गंभीर आशंका से घिरे हुए हैं।

शाकाहारी समाज किसी भी कीमत पर इन लोगों को माफ करने को तैयार नहीं, जो जानबूझकर भक्तों को पशुओं की चर्बी मिला घी और प्रसाद खिला रहे हैं। जब तक यह जांच नहीं हो जाती तिरुपति मंदिर से विशेषकर और शेष बड़े मंदिरों से भी इस तरह प्रसाद बनाना और बांटना बंद कर दिया जाए।