अधिक ब्याज देने का लालच देकर लगभग 1000 करोड़ रुपये की ठगी लगा फरार हुए जगजीत सिंह को हरियाणा पुलिस ने गुजरात से किया गिरफ्तार, कई राज्यों की पुलिस को था वांछित।
(MOREPIC1)बरनाला (अखिलेश बंसल,)
एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी लगा तथा पुलिस को चकमा देकर फरार हुए क्राउन नामक चिटफंड कंपनी के प्रबंध निदेशक जगजीत सिंह चहल उर्फ लाडी पुत्र जसवीर सिंह को हरियाणा राज्य की पुलिस ने गुजरात से काबू कर लिया है, जो कि केस कटवा तथा हुलिया बदल गुजरात प्रांत में रह रहा था।
गौरतलब है कि जगजीत सिंह के खिलाफ पंजाब के विभिन्न थानों में ही नहीं अन्य राज्यों के विभिन्न पुलिस थानों में अब तक 300 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सूचना है कि बरनाला के सीआईए स्टाफ की पुलिस भी मोस्ट वांटेड जगजीत को हरियाणा से बरनाला लाकर अदालत में भी पेश करेगी।
ठगी के कारोबार से पवित्र धरती को किया अपवित्र
श्री अमृतसर साहिब की धरती विश्वभर में पावन धरती मानी जाती है। वहां रहता जगजीत सिंह चहल नामक व्यक्ति विदेशी चिटफंड कंपनी क्राउन से साथ जुड़ गया। उसने साथ में कारोबार करने के लिए लोगों को मोटा कमीशन देने तथा उन्हें विदेशों की सैर कराने का लालच देने और ग्राहकों को अधिक ब्याज देने व उनका थोड़े समय में पैसा दुगना कर देने का लालच देकर चंद दिनों में पंजाब के ऐसे हजारों बेरोजगार युवकों को अपने जाल में फंसा लिया कि क्राउन चिटफंड कंपनी का कारोबार देश के कई राज्यों तक फैला दिया।(SUBHEAD)(MOREPIC2)
चिटफंड कंपनी के कारोबार से निजी बैंक ही नहीं सरकारी बैंकों का काम बुरी तरह से प्रभावित होने लगा, बैंकों के पास भी पैसा जमा होना होना ही बंद हो गया। इस कारोबार के चलने की शुरुआत में 10-20% लोगों को मोटी कमाई भी हुई, जिन्होंने राजा महाराजाओं की तरह ऐश की। जबकि जगजीत सिंह चहल ने दस-बीस करोड़ नहीं, भोले-भाले लोगों से एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि बटोर ली। जैसे ही उसकी कंपनी के ठगी से संबंधित कारोबार का भंडाफोड़ हुआ तो चहल फरार हो गया।
पुलिस ही नहीं अदालत को भी दे गया चकमा –
ठगी का शिकार हुए लोगों ने जैसे-जैसे पुलिस के पास गुहार लगाना शुरू किया तो जगजीत सिंह और उसके साथियों को सबसे पहले सीआईए बरनाला पुलिस ने जगजीत सिंह को उसके करीबी कई साथियों सहित गिरफ्तार भी कर लिया था। लेकिन वह अदालत को यह कहकर पुलिस गिरफ्त से आजाद हो गया था कि वह कुछ दिनों में सभी लोगों का पैसा लौटा देगा। जिसके आधार पर अदालत ने जमानत दे दी थी। जमानत पर रिहा होने के बाद जगजीत सिंह कोर्ट से अनुपस्थित रहे। बार बार नोटिस भेजने के बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।उसके बाद पीड़ित लोग और पुलिस जगजीत सिंह का पीछा करने में जुट गए।
एजेंट हुए घर से बेघर –
गौरतलब है कि इस दरम्यान क्राउन कंपनी के काफी एजेंटों ने अपना पीछा छुड़ाने के वास्ते ग्राहकों को उनका पैसा लौटा दिया, उन्हें अपनी पत्नियों के जेवरात तक बेचने पड़े। जिनके बच्चे कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ने लगे थे उन्हें मजबूरन सरकारी स्कूलों में पढ़ाना पड़ा। रिश्तेदारों से उधारी मांग घर को चलाना पड़ा। कुल मिलाकर तकरीबन तमाम एजेंट घर से बेघर हो गए।
गुजरात से किया काबू –
बरनाला से लेकर पंजाब हरियाणा दिल्ली समेत अन्य क्षेत्रों को एक हजार करोड़ रुपये का चूना लगा भूमिगत हुए जगजीत सिंह चहल के बारे में हरियाणा की पुलिस को जैसे ही भिनक लगी, पुलिस ने सादे कपड़ों में पहुंच ठिकाने पर दबिश बनाई और क्राउन किंग जगजीत सिंह चहल को गिरफ्त में ले लिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जगजीत सिंह के खिलाफ पंजाब और अन्य राज्यों में अब तक 300 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। बरनाला जिला के शैहना थाना में तत्कालीन दर्ज हुई शिकायत के आधार पर मई-2017 के दौरान सिटी थाना की पुलिस ने जगजीत सिंह को हिरासत में लेने और वहां चल रहे मुख्य दफ्तर को सील करने के लिए अमृतसर पहुंच रेड भी की थी। उसके बाद थाना सिटी की पुलिस ने 7 सितंबर 2017 को उक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं 420, 406, 467, 468, 120-बी भादंसं के अधीन मामला दर्ज किया था।
अदालत को धोखा देकर फरार हुए उक्तान आरोपितों को अदालत द्वारा धारा 299 जाबता फौजदारी के तहत भगौड़ा करार दे दिया था। अब वांछित जगजीत सिंह को सीआईए स्टाफ बरनाला की पुलिस हरियाणा से पंजाब के बरनाला में कब लाएगी यह बात साफ नहीं हो सकी है।
इस लिए छपवाने पड़े थे मोस्ट वांटेड के इश्तहार –
हजारों लोगों के एक हजार करोड़ रुपए लेकर अपने सबसे नजदीकी सहयोगी जसविंदर सिंह पुत्र गुरदास सिंह निवासी गोबिंद कालोनी बरनाला समेत फरार हुए क्राउन चिटफंड कंपनी के एमडी जगजीत सिंह चहल कहां फरार हो गए। दोनों भारत में ही हैं या किसी रास्ते से विदेश फरार हो गए हैं, इसका पता लगाने के लिए बरनाला पुलिस को मोस्ट वांटेड के इश्तहार प्रकाशित करवाने पड़े थे।