Wednesday, 22 July 2026
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विधायक रंधावा ने 100 मीटर मामले में नगर निकाय मंत्री बलकार सिंह से की मुलाकात

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मंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश पर हटाए जाने वाले लोगों के लिए पुनर्वास योजना दोहराई

(MOREPIC1) जे एस कलेर/जीरकपुर 

शुक्रवार को हलका विधायक डेराबस्सी कुलजीत सिंह रंधावा ने जीरकपुर के गांव पभात के 100 मीटर के दायरे में आने घरों और डेराबस्सी विधानसभा की तीन म्यूनिसिपल कमेटियों के काम को लेकर नगर निकाय मंत्री बलकार सिंह से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने विधायक रंधावा को आश्वासन दिया कि लोगों को समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय विभाग को उनके पुनर्वास के संबंध में एक नीति बनाने का निर्देश दिया है। उसी के अनुरूप इन लोगों का पुनर्वास किया जायेगा।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने जीरकपुर के पभात इलाके में एयरपोर्ट के 100 मीटर के दायरे में हुए निर्माणों को हटाकर इलाके को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में शुक्रवार को डेराबस्सी हलके के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने नगर निकाय मंत्री बलकार सिंह से हलका डेराबस्सी की 3 म्यूनिसिपल कमेटियों के कामकाज और पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर एयरफोर्स स्टेशन चंडीगढ़ की दीवार से सटे 314 में से 2011 के बाद बने 56 मकानों को तोड़ने की प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई।

इस मामले को लेकर प्रशासन को 7 अगस्त को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपनी है। जानकारी देते हुए विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने स्थानीय निकाय मंत्री बलकार सिंह को बताया कि यह सारी कार्रवाई दशकों से सत्ता में रही सरकारों की अनदेखी और माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर की जा रही है।(SUBHEAD)

उन्होंने मंत्री को बताया कि वर्ष 1968 के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी गांव की जमीन लीज पर खरीद रही थी। गांव वालों ने इस व्यवस्था का विरोध किया और उस समय चंडीगढ़ रोड को बंद करने पर सरकार (एयरपोर्ट अथॉरिटी) ने भबात गांव की 355 एकड़ जमीन खरीद ली, जिसमें आम के बगीचे भी थे, लेकिन लोगों ने देश की रक्षा के लिए कौड़ियों के भाव अपनी उपजाऊ जमीन दे दी।

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट के तत्कालीन अधिकारियों की तकनीकी गलतियों के कारण पहले 100 मीटर अधिक जमीन खरीदने पर विचार नहीं किया गया जो उस समय एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण थी। लेकिन पिछले एक दशक से इस क्षेत्र में अपनी मेहनत की कमाई से जगह खरीदने और रजिस्ट्री करवा नगर परिषद से नक्शे पास कराने के बावजूद अब 100 मीटर क्षेत्र के करीब 314 मकानों के 3000 से अधिक लोगों पर बेघर होने की तलवार लटक रही है। इसमें गांव का दशकों पुराना सरकारी स्कूल, आंगनवाड़ी, स्टेडियम, जैन मंदिर पानी की टंकी भी शामिल है। उन्होंने मंत्री को

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बारे में भी बताया, जिसमें पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि 2011 से पहले बने निर्माणों को तोड़ने के मामले में भवन और जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। इन इमारतों में रहने वाले लोगों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निकाय विभाग को उनके पुनर्वास के लिए एक नीति बनाने का निर्देश दिया था। इसके मुताबिक इन लोगों को जीरकपुर या फिर मोहाली में बसाया जाएगा, जिसके बारे में मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 2011 से पहले बनी इमारतों के लिए भी पुनर्वास योजना तैयार की जाएगी।

इस मौके पर मंत्री बलकार सिंह ने विधायक कुलजीत सिंह रंधावा को हलका डेराबस्सी की तीनों म्यूनिसिपल कमेटियों के कामकाज और विकास में सहयोग का भरोसा भी दिलाया।

रंधावा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार किसी को विस्थापित नहीं करना चाहती, जबकि यह तलवार पिछले 40 साल से लटकी हुई है। मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट में हलफनामा भी दिया है।  यह अफसोस की बात है कि पंजाब में 60 साल तक सत्ता में रहे राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि वह उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़े हैं और कानून के दायरे में रह हर संभव लड़ाई लड़ी जाएगी।