Wednesday, 19 August 2026
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राजस्थान परिषद ने हरियाली तीज महोत्सव को पारंपरिक उल्लास, मेहंदी और स्वाद के साथ मनाया

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तीज नारी शक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है : राज किशोर, अध्यक्ष

(MOREPIC1)फेस2न्यूज / चंडीगढ़

राजस्थान परिषद, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित हरियाली तीज महोत्सव के दौरान राजस्थान भवन एक रंग-बिरले उत्सव में तब्दील कर दिया गया था। सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक लेहरिया परिधान, चूड़ियाँ, और झूलों के साथ जब रंग-बिरंगी सजावट में शामिल हुईं, तो वातावरण पूरी तरह से राजस्थानी सौंदर्य और उल्लास में डूब गया। इस मौके पर चण्डीगढ़ के प्रशासक की पत्नी अनीता कटारिया विशेष अतिथि तथा मेयर हरप्रीत कौर बबला विशेष मेहमान के तौर पर मौजूद रहीं।

अध्यक्ष राज किशोर ने इस अवसर पर कहा कि तीज महज एक पर्व नहीं, यह राजस्थानी नारीत्व की आत्मा है। यह प्रेम, प्रकृति, शक्ति और सौहार्द्र का उत्सव है। जिस उमंग और गरिमा से हमारी महिलाएं इस दिन को मनाती हैं, वह अपने आप में राजस्थान की संस्कृति का जीवंत चित्र है। राजस्थान परिषद पिछले चार दशकों से न सिर्फ संस्कृति को संजो रही है, बल्कि समाज सेवा में भी अग्रणी रही है, शहीद सम्मान समारोह, हास्य कवि सम्मेलन, रक्तदान शिविर, शैक्षिक सहायता, और आपदा राहत के कार्यों के माध्यम से संस्था के सदस्य अपनी जड़ों से जुड़े रहकर समाज को आगे बढ़ा रहे हैं।

मेहंदी, झूले और परंपरा की सौगात

महोत्सव की सबसे खास बात रही मेहंदी। पारंपरिक गीतों और ढोल की थाप के बीच, महिलाओं ने अपने हाथों पर बारीक और सुंदर मेहंदी डिज़ाइन बनवाए, जो समृद्धि, सौभाग्य और वैवाहिक सुख के प्रतीक माने जाते हैं। विशेष मेहंदी कार्नर बनाए गए थे जहाँ महिलाएं अपनी पसंद से डिज़ाइन चुनते हुए इस प्रिय परंपरा में डूबी रहीं।

(SUBHEAD)झूलों की सजावट, फूलों की झालरें, और कलात्मक फोटो कॉर्नर ने इस उत्सव को राजस्थानी मेलों की याद दिला दी।

स्वाद और संस्कृति का संगम

महोत्सव के दूसरे आकर्षण का केंद्र था शुद्ध राजस्थानी भोजन। राजस्थान परिषद ने विशेष रूप से पारंपरिक व्यंजनों का भव्य थाल तैयार कराया था, जिसमें केसर बादाम घेवर, रबड़ी मालपुआ, ठंडाई कलाकंद, बूंदी रबड़ी, काजू केर सांगरी, जोधपुरी चक्की की सब्ज़ी, पंचमेल सब्ज़ी, जयपुरी आलू-प्याज़, पंचमेल दाल, काबुली पुलाव, मिर्चीवड़ा, कढ़ी कचौरी व दाल पकोड़ी (दाल पकवान) आदि शामिल थे। स्वाद और सुगंध से भरपूर यह व्यंजन मेहमानों को राजस्थान के गांवों और घरों की आत्मीयता से जोड़ते नज़र आए।

संस्कृति और समाज का संगम

कार्यक्रम में परिषद की महिला सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य, लोकगीत, और गृह-निर्मित कला ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।यह आयोजन तीज के पारंपरिक पक्ष पार्वती-शिव मिलन, नारी शक्ति, और प्राकृतिक उत्सव को समर्पित रहा। इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष रामावतार शर्मा, महासचिव अनिल बागड़ी, कोषाध्यक्ष रजनीश जैन, संयुक्त सचिव स्वाधीन भारद्वाज आदि भी मौजूद रहे।