Sunday, 28 June 2026
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नगर निगम कर्मियों के लिए 60,000 रुपए रिश्वत लेता आर्कीटैक्ट रंगे हाथों काबू

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जालंधर, फेस2न्यूज:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के मकसद से मैक्स एसोसिएट्स, रामा मंडी, जालंधर के मालिक आर्कीटैक्ट राजविन्दर सिंह को नगर निगम जालंधर के कर्मचारियों के साथ मिलीभुगत के द्वारा ज़मीन के प्रयोग में बदलाव (सी.एल.यू.) सर्टिफिकेट जारी करवाने के बदले 60,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।
मामले में नगर निगम जालंधर में बिल्डिंग इंस्पेक्टर के तौर पर तैनात आर्कीटैक्ट के एक मध्यस्थ सुखविन्दर शर्मा को भी गिरफ़्तार किया गया है। इस मामले में आर्कीटैक्ट का दूसरा साथी वरुण, जोकि नगर निगम जालंधर का ड्राफ्ट्समैन और बिल्डिंग इंस्पेक्टर (अतिरिक्त प्रभार), अभी भी फऱार है, जिसको जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।  (SUBHEAD)
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आर्कीटैक्ट को तरुणवीर सिंह निवासी मास्टर तारा सिंह नगर, जालंधर की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया है।
अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उक्त शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो से सम्पर्क कर आरोप लगाया कि उक्त आर्कीटैक्ट ने उपरोक्त नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलीभुगत करके उसके दो प्लॉटों की फाइलों का निपटारा करवाने के लिए सी.एल.यू. सर्टिफिकेट जारी करने के बदले उससे पाँच लाख रुपए की रिश्वत की माँग की है, जबकि वह उक्त प्लॉट पर एक चैरिटेबल अस्पताल बनाना चाहता है।
उन्होंने आगे बताया कि उक्त दोषी आर्कीटैक्ट ने उक्त काम के लिए दोनों बिल्डिंग इंस्पेक्टरों, वरुण और सुखविन्दर कुमार, के लिए क्रमवार 50,000 रुपए और 15,000 रुपए की माँग की है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वह उक्त आर्कीटैक्ट उसके पास से पहली किस्त के तौर पर 5000 रुपए की रिश्वत ले चुका है।
इस शिकायत की प्राथमिक तफ्तीश करने के उपरांत जालंधर यूनिट की विजीलैंस टीम ने जाल बिछाया और दोषी आर्कीटैक्ट को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में उक्त नगर निगम के अधिकारियों के ख़ातिर दूसरी किस्त के तौर पर 60,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया गया।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि उक्त आर्कीटैक्ट की गिरफ़्तारी के बाद विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने इस मामले में सह दोषी के तौर पर साजिशकर्ता नगर निगम जालंधर के बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुखविन्दर शर्मा को भी गिरफ़्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में फऱार मुलजि़म वरुण को गिरफ़्तार करने के लिए टीमें गठित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि उक्त सभी दोषियों के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो के थाना जालंधर रेंज में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सभी कर्मियों के आम लोगों से रिश्वत लेने के ढंग की भी जांच की जाएगी।