Sunday, 11 October 2026
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वाल सिटी अमृतसर पवित्र तो क्या बाकी शहर अपवित्र, लक्ष्मीकांता चावला ने उठाया सवाल

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(MOREPIC1)  फेस2न्यूज /अमृतसर

पंजाब विधानसभा के श्री आनंदपुर साहिब में विशेष सत्र के मध्य पंजाब सरकार ने पंजाब के तीन शहरों को पवित्र घोषित किया है। पवित्र अर्थात् वहां शराब, मांस, तंबाकू आदि नहीं बिकेगा, लेकिन यह नहीं बताया कि शराब मांस, तंबाकू पीने वाले जो विधानसभा में बैठे हैं क्या वे भी शराब मांस का सेवन छोड़ देंगे?

अमृतसर के नाम पर तो सरकार ने वास्तव में जनता को बहुत बड़े धोखे में डाला है। भाजपा नेत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि अमृतसर की चारदीवारी के अंदर जो शहर है वह पवित्र है। आज तक स्मार्ट सिटी बनाने में तो अमृतसर के भीतरी शहर को सारी सुविधाओं से वंचित रखा।

अब सरकार कुछ ज्यादा ही समझदार है, पर जनता उनकी चाल समझती है। अमृतसर की चारदीवारी के बाहर बड़े बड़े होटल, पब, रेस्तरां, मैरिज पैलेस, क्लब और न जाने क्या क्या है, जहां शराब मांस की पार्टियां होती हैं। शादियों में शराब पिलाई जाती है। पार्टियों में विशेषकर क्लबों में और मैरिज पैलेसों में भी शराब खूब उड़ाई जाती है।

पंजाब सरकार यह नहीं जानती कि जनता उनकी रग रग से परिचित है। मेरा यह कहना है कि सारे अमृतसर को पवित्र घोषित करो। ठेके बंद हो जाएं। क्लबों में शराब पीना बंद हो जाए तो अगर शराब पीने वाले यहां रहेंगे, मांस खाने वाले यहां रहेंगे तो फिर यही लोग मंदिर गुरुद्वारों में भी जाएंगे। बूचड़खाने भी यहां चलते हैं। सरकार ने एक भुलेखा डाला। चार दीवारी के अंदर शहर पवित्र, बाहर का अपवित्र। मतलब शराब के पियक्कड़ों, होटलों के लिए शादी की पार्टियों के लिए बारात के लिए खुली शराब पीने की इजाजत है।

अगर हिम्मत है पंजाब सरकार में तो सारा अमृतसर पवित्र घोषित करें। वैसे तो सारा देश ही पवित्र हैं शहीदों की धरती पंजाब पवित्र है। ये तीन शहर पवित्र हैं। इसका अर्थ तो यह हुआ कि बाकी अपवित्र हैं कि तीन शहर पवित्र शेष अपवित्र। क्या यह अच्छा नहीं होगा कि पंजाब सरकार या तो पवित्र शहरों में रहने वाले सभी लोगों को शपथ देकर शराब मांस खाने से मना करे या उन्हें दूसरे शहरों में भेज दे। अगर पवित्र शहर के घरों में मांस पकता रहा तो कैसा पवित्र शहर? जहां मांस पकेगा वह तो पशुओं की लाशें जलाने का श्मशानघाट होगा।

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