Monday, 12 October 2026
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आर्ट एंड पेंटिंग व संस्कृत को खत्म क्यों कर रही पंजाब सरकार?

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(MOREPIC1)अमृतसर, फेस2न्यूज:

शिक्षा मंत्री पंजाब क्या जानते हैं कि पंजाब में आर्ट एंड पेंटिंग अर्थात चित्रकला विषय को समाप्त करने का षड्यंत्र हो गया है। जो भी आर्ट एंड पेंटिंग का अध्यापक, लेक्चरार सेवानिवृत्त होता है उसकी जगह कोई नए आर्ट एंड पेंटिंग के लेक्चरार भर्ती नहीं किए जा रहे।

पंजाब में पूर्व मंत्री रही श्रीमती लक्ष्मीकांता चावला ने सवाल उठाए हैं कि जिला अमृतसर के कुछ स्कूल बहुत प्रसिद्ध थे जहां से विद्यार्थी आर्ट एंड पेंटिंग की शिक्षा लेकर कमर्शियल काम से जुड़ते थे और बड़े बड़े कारखानों में डिजाइनर के रूप में जाते थे। बारहवीं तक इस विषय में शिक्षा लेने के बाद ही विद्यार्थी फाइन आर्ट्स में ग्रेजुएट स्तर की और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर की डिग्री पा सकते हैं, जिसके लिए वे देश के बड़े—बड़े कालेजों में जाते हैं। पंजाब सरकार तो जड़ ही खत्म कर रही है। विद्यार्थियों के भविष्य का सोचा नहीं।
इसी प्रकार पंजाब के स्कूलों में कुछ वर्ष पहले से तो संस्कृत का विषय ही गायब कर दिया। इससे पंजाब का कितना नुकसान हुआ शायद सरकारें नहीं जानतीं। जो बच्चे बारहवीं तक संस्कृत नहीं पढ़ेंगे वे कालेज में संस्कृत कैसे पढ़ सकेंगे। इस तरह पंजाब से संस्कृत को खत्म करने का षड्यंत्र पिछली सरकारों ने किया है। वर्तमान सरकार का भी कोई ध्यान नहीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री इस गंभीर विषय की ओर ध्यान दें और स्कूलों में संस्कृृत की शिक्षा का प्रबंध करें। चाहे इसे ऐच्छिक विषय ही रखा जाए। इसके साथ ही फाइन आट्र्स के अध्यापकों, लेक्चरारों के खाली पद भी भरें जाएं। हम अपने विद्यार्थियों को इस विषय में भविष्य बनाने से वंचित कर रहे हैं। यह बहुत बड़ा अपराध है।

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