Monday, 29 June 2026
Breaking News
मासिक नवकार महामंत्र पाठ एवं भक्तामर दीप अर्चना, जैन मिलन ने मेनका गाँधी की आलोचना की आखिर व्यंग्य क्या है? अंबुवाची मेला और माँ कामाख्या: प्रकृति, शक्ति और आस्था का अद्भुत संगम चौपाल एप्प पर हरदीप फ़िल्म्स एंटरटेनमेंट यूके की ताज़ा प्रस्तुति फ्लैटमेट्स ने मचाया धमाल स्वर्गीय ओम प्रकाश गोयल मेमोरियल सीनियर महिला डे नाइट ट्वेंटी-20 कैश प्राइज़ क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला संस्करण 3 जुलाई से लोकतंत्र भारत की आत्मा और पहचान : घनश्याम दास अरोड़ा नेक्टर केमिकल फैक्ट्री की भूमिगत पाइपलाइन टूटी, लापरवाही आई सामने, नगरपरिषद के पास रिकॉर्ड तक नहीं रामायण कुशवाहा प्रदेश महासचिव ने रमेश कुमार राजभर को शहीद उधम सिंह जिला का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया विश्व संगीत दिवस पर सजा सुरों का उत्सव, कलाकारों ने बिखेरा संगीत का जादू कमांडेंट कमल सिसोदिया ने अधिकारियों एवं जवानों को योगासन, प्राणायाम तथा माइंड योग का अभ्यास कराया
पंजाब Trending

अनाज की ढुलाई दौरान धोखाधड़ी के आरोप में तीन ठेकेदारों और तीन फर्मों के खि़लाफ़ केस दर्ज

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाई मुहिम के अंतर्गत संगरूर जिले की अलग-अलग अनाज मंडियों में अनाज की ढुलाई सम्बन्धी टैंडरों की अलॉटमैंट, अनाज मंडियों में ट्रांसपोर्टेशन और लेबर के कलस्टरों को क्लब करने सम्बन्धी टैंडर में धोखाधड़ी के दोष अधीन तीन ठेकेदारों और तीन फर्मों के विरुद्ध फ़ौजदारी केस दर्ज किया गया है। इस मामले की आगे जांच जारी है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये विजीलैंस ब्यूरो प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला ठेकेदार परमवीर सिंह निवासी धनौला, ज़िला बरनाला, ठेकेदार यशवंत राय निवासी गाँव मालेवाल, ज़िला एस. बी. एस. नगर, ठेकेदार राजीव कुमार जैतों, मैसः जिंमीदारा ट्रांसपोर्ट कंपनी खन्ना, मैसर्जः ज़ैलदार ठेकेदार, मैसर्जः जगरूप सिंह और सन्दीप कुमार मलेरकोटला के खि़लाफ़ केस दर्ज किया गया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये प्रवक्ता ने बताया कि पड़ताल के दौरान पाया गया कि अनाज की ढुलाई के लिए उक्त टैंडर अलाट करने के समय उक्त मुलजिमों ने साल 2019-20 के दौरान आपस में मिलीभुगत करके ढुलाई के लिए कलस्टरों की संख्या में घटा दी थी और लेबर और कारटेज सम्बन्धी टैंडर में भी अनियमितताएं करवायी थी। इससे पहले ट्रांसपोर्ट के लिए 58 कलस्टर, कारटेज के लिए 50 कलस्टर और लेबर के काम के लिए करीब 180 कलस्टर थे, जिस कारण टैंडर प्रक्रिया में छोटे ठेकेदार भी हिस्सा ले लेते थे और ठेकेदारों के आपसी मुकाबले के कारण कम रेटों पर टैंडर अलाट किये जाते थे। परन्तु साल 2020- 21 में उक्त कलस्टर बिना किसी जायज कारण के बहुत बड़े बना दिए गए थे जिससे नयी नीति अनुसार छोटे ठेकेदार अधिक टर्नओवर की शर्त को पूरा न कर सकें और टैंडरों में हिस्सा न ले सकें।
उन्होंने आगे बताया कि उक्त दोषियों ने विभाग के अधिकारियों/ कर्मचारियों की मिलीभुगत के साथ 39 कलस्टर ट्रांसपोर्टेशन के लिए, 21 कलस्टर कारटेज के लिए, 8 कलस्टर लेबर और कारटेज के लिए और 21 कलस्टर लेबर के लिए अलग तौर पर बनाऐ हैं।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि ख़ाद्य, सिविल सप्लाई और खपतकार मामले विभाग संगरूर से अनाज की ढुलाई के मौके पर गेट के पासों में रजिस्टर्ड वाहनों की सूची प्राप्त करने के बाद यह पाया गया कि स्कूटर/ मोटरसाईकल/ कारों आदि के रजिस्ट्रेशन नंबरों वाले बहुत से वाहन थे, जबकि ऐसे वाहनों के द्वारा उक्त ढुलाई का काम ही नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि पड़ताल के दौरान पता लगा है कि इन मुलजिमों की तरफ से जाली गेट पासों के आधार पर सरकारी पैसे का गबन किया गया है। इस सम्बन्ध में, आइपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120- बी और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13(1) ( ए), 13( 2) के अंतर्गत एफआईआर नंबर 06 तारीख़ 22/ 02/ 2023 के अधीन विजीलैंस ब्यूरो पटियाला के थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।